
जोधपुर. चुनावों में नेता वोट पाने के लिए कई बार हवा-हवाई बयानबाजी करते हैं, लेकिन धरातल पर मुद्दों को गायब कर देते हैं, लेकिन इस बार के चुनावों में मुद्दों के बजाय जनता को गुमराह करने वाले नेताओं की बजाय धरातल पर कार्य करने वाले जनप्रतिनिधि का चुनाव किया जाएगा। यह विचार पत्रिका की ओर से लोकसभा चुनाव को लेकर जोधपुर सीट पर आयोजित परिचर्चा ‘मुद्दा क्या है’ में युवाओं ने रखे। साथ ही युवाओं ने बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बताया व आमजन की जरुरतों को लेकर कार्य करने वाले उम्मीदवारों को समर्थन करने की बात भी कही।
परिचर्चा में शामिल स्टूडेंट सुमन गहलोत ने कहा कि उम्मीदवार ऐसा होना चाहिए जो जनता के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े मुद्दे उठाए। साथ ही कहा कि राष्ट्रहित की भावना के साथ जो जनप्रतिनिधि युवाओं के लिए रोजगार देने, चुनाव लड़ेगा उसका साथ दिया जाएगा संदीप चौधरी ने कहा कि बेरोजगारी पर बात जरुर होनी चाहिए। शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होनी चाहिए।
वादा पूरा नहीं करने वालों पर हो कार्रवाई
परिचर्चा में स्टूडेंट मनीराम चौधरी ने कहा कि चुनाव के समय नेता कई वादे जनता से करते हैं, लेकिन जीतने के बाद उन पर अम्ल नहीं करते। वादा पूरा नहीं करने वाले नेताओं पर कार्रवाई होनी चाहिए। सोनाराम प्रजापत ने कहा कि स्थानीय मुद्दों पर नेताओं को कार्य करना चाहिए। सफाई व्यवस्था सही हो इसके लिए एक बेहतर प्लानिंग होनी चाहिए।
चर्चा में भोपालसिंह गोविंदला, नारायण लाल चौधरी, खेमराज चौधरी, अध्यापक घनश्याम देवासी, जेपी विश्नोई, मुकेश व सुमेर वैष्णव आदि ने भी अपने विचार रखते हुए शहर को स्र्माट सिटी बनाने, मायड़ भाषा को मान्यता मिलने का मुद्दा उठाया।