
जोधपुर. कुलाधिपति व राज्यपाल कलराज मिश्र के निर्देश पर जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय ने सालावास गांव को स्मार्ट विलेज के तौर पर गोद लिया है। सोमवार को गांव में आयोजित ग्राम सभा में विकास के लिए कई प्रस्ताव पारित किए गए, लेकिन ग्रामीणों द्वारा हाथ तंग होने व बजट नहीं होने की तर्क रखने के लिए जेएनवीयू की ओर से गांव के नोडल अधिकारी व राजनीति विज्ञान विभाग के शिक्षक डॉ दिनेश गहलोत ने अपने 2 महीने का वेतन ग्राम सभा में देने की घोषणा की।
ग्राम सभा में गांव के विकास के लिए नोडल अधिकारी डॉ. गहलोत ने गांव के जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों से मिलकर एक्शन प्लान बनाया। इसमें सरपंच ओमाराम पटेल, ग्राम विकास अधिकारी राजीव चौधरी व अन्य वार्ड पंच शामिल हुए। डॉ गहलोत ने बताया कि ग्रामसभा से पारित एक्शन प्लान राज्यपाल को भेजा जाएगा। इसकी प्रतिलिपि जिलाधीश, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को प्रेषित की जाएगी। गौरतलब है कि डॉ. गहलोत स्वयं इस गांव के निवासी हैं।