
सेतरावा (जोधपुर). क्षेत्र की ग्राम पंचायत कनोडिया महासिंह के नए भवन को किराए पर देने के बाद ग्रामीणों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को चौथे दिन भी धरना प्रदर्शन किया। इस मामले में एक भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं है जिससे मामला उलझता जा रहा है।
ग्रामीण इस बात पर अडिग हैं कि वे कि किसी भी सूरत में ग्राम पंचायत भवन को किराए पर नहीं देने देंगे। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच आदि अपनी जिद पर अड़े हुए हैं कि वे भवन को किराए पर दे चुके हैं। एेसे में अब पीछे नहीं हट सकते।
हांलाकि ग्रामीणों के ज्ञापन पर देचू पंचायत समिति के विकास अधिकारी ने सोमवार को ग्राम पंचायत कनोडिया महासिंह के सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी के नाम पत्र जारी कर ग्राम पंचायत क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भवन किराए पर देने की प्रक्रिया आगामी आदेशों तक स्थगित करने के निर्देश दिए थे।
ग्रामीण अपनी बात पर अड़े हुए हैं कि सरपंच उन्हें लिखित में दे कि इस भवन को किराए पर देने की प्रक्रिया ग्रामीणों की सहमति के बिना आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। इससे पहले करवाया गया रजिस्ट्रेशन दोनों पक्षों से बातचीत कर आपसी सहमति से निरस्त करवा दिया जाएगा। लेकिन पंचायत ग्रामीणों को एेसा आश्वासन देने को तैयार नहीं है।
वहीं मंगलवार को ग्राम विकास अधिकारी व पंचायत समिति की ओर से आए प्रतिनिधियों ने विरोध कर रहे ग्रामीणों से बातचीत कर इस मामले में समाधान निकालने का प्रयास किया,लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
पंचायत में जगह नहीं मिली तो सडक़ निर्माण बंद करेंगे
इस बीच ग्राम पंचायत भवन को किराए पर लेने वाली बीआरओ कंपनी ग्रीप के कनिष्ठ अभियन्ता अविनाश चन्द्र ने कहा कि ग्रामीणों के आंदोलन के चलते उन्हें परेशानी हो रही है। यदि पंचायत में जगह नहीं मिली तो उन्हें मजबूरन सडक़ निर्माण कार्य बंद करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि कलाऊ फांटे से सेतरावा तक डबल लाइन सडक़ का काम ग्रिप कर रही थी। लेकिन कनोडिया महासिंह में ग्रामीणों के आंदोलन के चलते उन्हें काम बीच में बंद करना पड़ा है।
कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि उन्होंने 16 जून को कनोडिया महासिंह ग्राम पंचायत के सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी से बात कर पंचायत भवन मासिक किराए पर लिया था। लेकिन आंदोलनकारी ग्रामीणों ने सोमवार सुबह उनके 7-8 ट्रक व जेसीबी मशीन और मजदूरों को मेन गेट पर रोक दिया। इसके चलते काम बाधित होने से सडक़ निर्माण कार्य रोकना पड़ा है।