
जयकुमार भाटी. Virtual School In Rajasthan: सरकारी अंग्रेजी मीडियम स्कूलों के बाद अब राज्य सरकार आगामी सत्र से वर्चुअल स्कूल शुरु करेगी। खेल प्रतियोगिताओं, पारिवारिक परिस्थिति या अन्य कारणों से जो विद्यार्थी नियमित स्कूल नहीं जा सकते, उनकी नियमित शिक्षा सुचारु रखने के उद्देश्य से ये स्कूल शुरु किए जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सबसे पहले जोधपुर में नेहल वर्चुअल स्कूल, उदयपुर में पेस ई स्कूल व रॉयल वर्चुअल स्कूल, सीकर में आई 30 वर्चुअल स्कूल व झुंझनू में जीवेम स्कूल खोलने का निर्णय किया है। इनमें 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई ऑनलाइन होगी। वर्चुअल स्कूल में प्रत्येक कक्षा में 45 विद्यार्थियों को प्रतिदिन 8 कालांश में 6 घंटे पढ़ाई करवाई जाएगी।
मान्यता प्राप्त निजी स्कूल से संबद्धता जरूरी
शैक्षिक एवं तकनीकी संस्थाओं की ओर से वर्चुअल स्कूल के लिए शिक्षा विभाग से माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर के मान्यता प्राप्त निजी स्कूल से पार्टनरशिप करनी होगी। वर्चुअल स्कूल की केवल पढ़ाई ऑनलाइन होगी, जबकि परीक्षा ऑफलाइन होने से निजी स्कूल की आवश्यकता होगी। जहां परीक्षा के साथ प्रेक्टिकल भी करवाए जाएंगे। इसके लिए निजी स्कूल और तकनीकी संस्था के बीच चार साल का एमओयू होगा।
डिजिटल होंगे कक्षा कक्ष
वर्चुअल स्कूलों में डिजिटल कक्षा कक्ष होंगे। कक्षाओं में पढ़ाने के लिए इंटरेक्टिव बोर्ड और हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा जरूरी है। जिससे पढ़ा सके। प्रत्येक कक्षा में 45 विद्यार्थियों को प्रतिदिन 8 कालांश में 6 घंटे शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाएंगे। वर्चुअल स्कूल के एक कक्षा कक्ष के लिए एक स्टूडियो होना जरूरी है। स्कूल में केवल 9वीं व 10वीं की कक्षा लगाने पर दो स्टूडियो और अगर 9वीं से 12वीं तक स्कूल चलाने पर चार स्टूडियो की आवश्यकता होगी।
जोधपुर में एक वर्चुअल स्कूल शुरू किया जाएगा। जिससे विद्यार्थियों को घर बैठे अपनी शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी। इन स्कूलों का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शीघ्र लोकार्पण करेंगे।
भल्लू राम खीचड़, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी जोधपुर