
जोधपुर. यू्-ट्यूब पर चैनल चलाने के लिए सिर्फ वीडियो होना ही काफी नहीं है। वीडियो का कंटेंट व क्वालिटी अच्छी होने के साथ ही उनमें अन्य से अलग-हटकर कुछ नया होना चाहिए। तभी वीडियो हिट हो पाएगा। यह कहना है बॉलीवुड निर्देशक राजीव एस रुइया का। वे शनिवार को मरुभूमि राजस्थान की ओर से नेहरू पार्क स्थित हेडगवार भवन में आयोजित फिल्म व यूट्यूब वीडियो निर्माण कार्यशाला में आए प्रतिभागियों को टिप्स दे रहे थे। रुइया ने फिल्म निर्माण, कैमरा वर्क, एडिटिंग, पटकथा, संवाद , कहानी आदि विषयों पर युवाओं को जानकारी दी व उनके सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम के दौरान एबीवीपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष हेमंत घोष ने उनका साफा पहनाकर स्वागत किया।
स्ट्रगल बेहद जरूरी
युवाओं को फिल्मी दुनिया के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने भी डायरेक्शन की दुनिया में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत के साथ ही खूब संघर्ष किया। स्ट्रगल से ही टेलेंट निखर कर आता है। कोई भी वीडियो स्टोरी या फिल्म बनाते समय टॉपिक सलेक्शन बेहतर होना चाहिए। खासतौर पर यूट्यूब पर इमोशनल टॉपिक की ज्यादा पकड़ है। जो इसको नए अंदाज में पेश करता है उसका वीडियो हिट हो जाता है।
अब शॉर्ट फिल्म से हर बंदा अपनी क्वालिटी दिखा सकता है। यह प्लस पोंइट है।
कला को निखारने का बेहतर माध्यम है यूट्यूब
कार्यक्रम से पूर्व मीडिया से बात करते हुए रुइया ने कहा कि आज के दौर में यूट्यूब स्वयं को हिट करने का बेहतर माध्यम है। कई लोग एेसे हैं जिन्हें बॉलीवुड इंडस्ट्री में आने का मौका भी इसकी वजह से ही मिला। इसलिए अपनी क्वालिटी को इम्प्रूव करते हुए नियमित वीडियो डालते रहें। बेव सीरिज समय की मांग है। इसी के चलते बड़े सेलिब्रिटी भी इसकी ओर रुख कर रहे हैं।