
जोधपुर।
मारवाड़ में पारा 40 और 45 डिग्री के बीच चल रहा है। ऐसे में यदि कई दिनों तक पानी नहीं मिले तो क्या होगा। एक घड़ा पानी के लिए तपती धूप में लम्बा सफर तय करना ग्रामीणों की मजबूरी बन गया है। ये हालात लूणी उपखंड के कई गांवों के हैं। जिनमें पाइप लाइन से पानी आता नहीं और टैंकर देखने को भी आंखें तरस गई। मवेशियों के लिए पानी देखे को अरसा बीत गया, इंसानों को भी पानी के लिए टंकियों पर चढऩा पड़ रहा है।
शुभदंड, शनाई, कांगनाड़ा, नैनासर, महादेव नगर जैसे गांव में पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों को गुस्सा फूटा। लूणी उपखण्ड अधिकारी गोपाल परिहार को मुख्यमंत्री के नाम अपना मांगपत्र भी सौंपा। ग्राम पंचायत शुभदण्ड के सरपंच जबरसिंह सोढ़ा के अनुसार पूरी ग्राम पंचायत में पेयजल की विकट समस्या है। जलदाय विभाग के अधिकारियों के समक्ष ग्रामीण गुहार लगाकर हार गए, लेकिन सुनवाई नहीं।
अवैध कनेक्शन की भी मार
लूणावास भाकर गांव से पाइप लाइन बिछाई गई, लेकिन यहां से पानी नहीं मिला, कारण है सैकड़ों की संख्या में अवैध कनेक्शन। जब ग्रामीणों की डिमांड बढ़ी तो टैंकर लगाए गए लेकिन वह भी सप्ताह में दो ही मिलते हैं। सार्वजनिक टांके सूखे हैं, पानी की खेळियां खाली है। अब नई पाइप लाइन लगे और जीएलआर से जुड़े और अवैध कनेक्शन कटे तो इन गांवों के हजारों लोगों को एक बाल्टी पानी के लिए संघर्ष नहीं करना पड़े।