जोधपुर में 45 दिन तक क्लोजर रहने के बाद पानी कायलाना व तख्तसागर पहुंच गया है। अब पानी की किल्लत नहीं रहेगी।
जोधपुर .जोधपुर के बाशिंदों के लिए खुशखबरी है। अब 45 दिन के लंबे अंतराल के बाद शनिवार को जोधपुर में नहर का पानी पहुंच गया है। इंदिरा गांधी नहर में लिए गए क्लोजर के बाद पानी 29 मार्च से ही बंद था। तीन दिन पहले गुरुवार को सुबह 5 बजे मदासर में राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल में पानी छोड़ा गया था, जो शनिवार को यहां पहुंच गया। इंदिरा गांधी नहर में 29 मार्च को शुरू किया गया क्लोजर २ मई को पूरा होने वाला था। बाद में इसे तीन बार बढ़ाया गया। क्लोजर शुरू होने के बाद से ही शहर में पेयजल की किल्लत बनी हुई थी। इस वजह से कई बार शटडाउन भी लेना पड़ा था और शहर में पानी सप्लाई नहीं हुई। शनिवार सुबह 11 बज कर 45 मिनट पर पानी यहां पहुंचा तो जलदाय विभाग के अधिकारियों ने पूजा अर्चना की व नहर में फूल बरसाए।
अब बरसात में भी नहीं आएगी रुकावट
जलदाय विभाग के एसई दिनेश पेड़ीवाल ने बताया कि 2015 के बाद से ही राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल की सफाई नहीं हुई थी। इस वजह से इसमें मिट्टी जमा हो गई थी और लीकेज भी बन गए थे। बरसात के दिनों ज्यादा पानी आने पर कई बार तो कैनाल में केवल 220 क्यूसेक पानी ही रह जाता था। इस बार क्लोजर के समय में इसकी सफाई कर दी गई है। एेसे में अब बरसात में भी इसमें रुकावट नहीं आएगी।
तय समय से ज्यादा दिन हो गए
गौरतलब है कि पंजाब-हरियाणा से इंदिरा गांधी नहर में क्लोजर शुरू होने के समय 35 दिन का समय दिया गया था। यह बताया गया था कि नहर में 35 दिन तक पानी की आवक बंद रहेगी और एेसे में नहर और जलाशयों में एकत्र पानी से काम चलाया जाएगा। जोधपुर और बाड़मेर सहित प्रदेश के नौ जिले इससे प्रभावित रहेंगे। जिला प्रशासन और जलदाय विभाग ने कहा था कि हमेशा की तरह ही पानी की आपूर्ति करेगा, लेकिन जनता को इतने दिन तक किफायत के साथ पानी खर्च करना पड़ेगा, ताकि किसी आपात स्थिति से निपटा जा सके। इसके उलट बाद में यह क्लोजर 45 दिन का हो गया और लोगों को बहुत परेशानी हुई।