जोधपुर

सवा सौ वर्ष पुरानी जर्जर इमारत में चल रहा जल संसाधन कार्यालय

बिलाड़ा. जसवंत सागर बांध तथा क्षेत्र के अन्य कई छोटे-बड़े बांधों ,एनिकटों का रखरखाव रखने वाले जल संसाधन विभाग का कार्यालय जर्जर हालत में है।
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Jan 14, 2019
Water Resources Office running in a old shabby building
सवा सौ वर्ष पुरानी जर्जर इमारत में चल रहा जल संसाधन कार्यालय

बिलाड़ा (जोधपुर). जोधपुर जिले के सबसे बड़े जसवंत सागर बांध तथा क्षेत्र के अन्य कई छोटे-बड़े बांधों ,एनिकटों का रखरखाव रखने वाले जल संसाधन विभाग का कार्यालय जर्जर हालत में है।

बांध निर्माता जसवंतसिंह द्वितीय ने बांध की रखवाली के लिए जिन कारिन्दों के ठहरने के लिए वर्ष 1889 में कोटडिय़ां बनवाई थी। दशकों पुरानी उसी इमारत में यह विभागीय कार्यालय चल रहा है।

दो वर्ष पहले यह कार्यालय यहां कस्बे की आदर्श कॉलोनी में किराए के भवन में चल रहा था, लेकिन मकान मालिक ने कार्यालय खाली करवा दिया तो अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी को पिचियाक पंचायत मुख्यालय पर बांध से कुछ ही दूरी पर बनी जर्जर इमारत ही ठीक लगी। तात्कालिक उपाय के तौर पर इस इमारत में कार्यालय स्थानांतरित कर दिया। यहां कार्यालय चलते 2 वर्ष हो गए। विभाग ने जर्जर इमारत की मरम्मत पर इस अवधि में एक कौड़ी तक खर्च नहीं की।

इस पुरानी इमारत के कई कमरों की दीवारें जगह-जगह से दरारें स्पष्ट दिखाई दे रही है। कमरों में वर्षो पुराना बदरंग फर्नीचर लगा है। इस भुतही सी लगने वाली इमारत में अधिकारी कभी-कभी बैठते हैं। यहां चतुर्थ श्रेणी की दो महिलाएं ,एक दिव्यांग और एक महिला कनिष्ठ लिपिक भी कार्यरत है, लेकिन इन महिलाओं एवं दिव्यांग कर्मचारी के लिए इस इमारत परिसर में सार्वजनिक सुविधा तक बनी हुई नहीं है। यह कर्मचारी कई बार सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर उच्च अधिकारियों को लिखित में भी दे चुके हैं, लेकिन उच्च अधिकारी हर बार बजट नहीं होने का कह कर टाल देते हैं।

Published on:
14 Jan 2019 11:38 am