
अविनाश केवलिया/जोधपुर. लिफ्ट केनाल से पानी की कम उपलब्धता के कारण शहर में एक माह में दो बार 24-24 घंटे के शट डाउन की नौबत आ गई है। केनाल से पहले जो पानी मिल रहा था वह स्वीकृत मात्रा से काफी कम था, लेकिन अब और कम कर दिया गया है। वर्तमान में गांवों और शहरों में पीने लायक पानी का संग्रहण करने में भी परेशानी आ रही है। यही वजह है कि जिला कलक्टर रविकुमार सुरपुर ने गत दिनों इंदिरा गांधी नहर प्रोजेक्ट प्रबंधन को पत्र लिखा है।जोधपुर शहर में पेयजल संकट गर्मियों में शुरू हुआ था। सर्दियों में पानी की मांग कम रहती है। ऐसे में जलदाय विभाग को उम्मीद थी कि दोनों प्रमुख जलाशयों में जितना पानी संग्रह करना है वह हो जाएगा। लेकिन इससे पहले ही आइजीएनपी ने जोधपुर जिले के पानी में 30 क्यूसेक की कटौती और कर दी। इससे हालात विकट हो गए। दोनों जलाशयों में सात दिन का ही पानी संग्रह होने लगा है। अगले साल गर्मियों में नहर का सबसे बड़ा क्लोजर प्रस्तावित है। ऐसे में हालात और विकट हो सकते हैं।
72 घंटे रोटेशन सप्लाई का प्रोजेक्ट तैयार
अभी 48 घंटे में जलापूर्ति हो रही है। इसे 72 घंटे में एक बार करने की योजना है। अधिकारी फिलहाल इसे लागू करने से बच रहे हैं। केनाल में पानी की मात्रा नहीं बढ़ी तो यह योजना लागू हो सकती है।
जोधपुर जिले की स्थिति
- 350 क्यूसेक पानी स्वीकृत है जोधपुर जिले को
- 240 क्यूसेक पानी अभी मिल रहा
- 270 क्यूसेक पानी डेढ़ माह पहले तक मिल रहा था
- 07 दिन का ही पानी स्टोरेज है तख्तसागर व कायलाना में
जवाब का इंतजार
केनाल में पानी कम कर दिया गया है। इसी कारण जिला कलक्टर के साथ बैठक के बाद आइजीएनपी को पत्र लिखा था। देखते हैं क्या जवाब आता है।
- दिनेश पेडीवाल, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग