
जोधपुर। करीब एक महीने बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बादलों व तेज हवाओं के Weather ने लोगों को चिलचिलाती धूप, लू के थपेड़ों और तन झुलसाती गर्मी से राहत प्रदान की है। गर्म हवा की जगह आंधी-तूफान के साथ मारवाड़ के कई इलाकों में बूंदाबांदी के साथ ओले भी गिरे। इससे गर्मी से बेहाल लोगों ने राहत की सांस ली है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ हुई बूंदाबांदी राहत के रूप में बरसी।
जोधपुर के लोहावट, फलोदी व आसपास के इलाकों में भी दोपहर बाद मौसम ने पलटा खाया और तेज आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। लोहावट में उठा तेज बंवडर कई किलोमीटर दूर तक रेत की चादर बिछा गया।
जैसलमेर के नोख गांव में मौसम का मिजाज दोपहर को अचानक बदला। तेज आंधी के बाद शुरू हुई बारिश के दौरान बेर के आकार के ओले गिरे। क्षेत्र के बौड़ाना गांव में भी बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। पोकरण में तेज आंधी चलने से जनजीवन अस्-व्यस्त हो गया। कच्चे मकानों की छतें उड़ गई। बिजली गुल हो गई, लेकिन गर्मी से आहत लोगों ने इसमें भी राहत महसूस की। मोहनगढ़ में सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रहने से तीखी धूप ने नहीं सताया और दोपहर तक सूरज की रोशन मंदम पड़ने लगी और फिर बारिश का दौर शुरू हो गया।
सूर्यनगरी में भी मौसम की गतिविधियों का असर दिखा। बादल-आते जाते रहे, लेकिन अधिकांश समय धूप खिलने के बावजूद तापमान में गिरावट का क्रम बना रहा। दिनभर तेज हवा बहने से पारा काबू में रहा। जिले के ग्रामीण हिस्साें में भी तापमान में गिरावट आई।
एक महीने बाद आया विक्षोभ
जनवरी और फरवरी के विपरित इस बाद पश्चिमी विक्षोभ एक महीने बाद आया। मार्च के प्रथम पखवाड़े के बाद सीधा अप्रेल के प्रथम पखवाड़े में विक्षोभ आने से ही तापमान में अत्यधिक बढ़ोतरी हुई और पश्चिमी हवाएं बही। जनवरी-फरवरी में हर सप्ताह विक्षोभ आया जिसके चलते पारा काबू में रहा। जनवरी में तो इसी विक्षोभ के कारण कड़ाके की सर्दी लंबे समय तक रही।