
जोधपुर. साल 2020 जा रहा है और साल 2021 ने अपनी दस्तक दे दी है। 2020 का साल कुछ खास नहीं रहा, इस वर्ष ने हम सभी को जीवन के कई सबक दिए और दुनिया भर के लोगों की जिंदगी में गहरा असर डाला है। मुश्किल और चुनौतियों से भरे इस साल ने हमें जीवन को देखने का एक नया नजरिया भी प्रदान किया और हमने छोटी -छोटी बातों की अहमियत को समझा। साथ ही रिश्तों को और भी गहराई से महसूस किया। कोरोना वायरस ने साल 2020 की शुरुआत से ही अपना बुरा प्रभाव फैलाना शुरू कर दिया था और ऐसे में लॉकडाउन के लगने से जीवन की गाड़ी थम गई थी, अब तक लाखों लोगों के जीवन पर इस वायरस का दुष्प्रभाव पड़ा है। लेकिन अब नए वर्ष के आगमन के साथ ही लोगों के मन में नई आशाएं और उमंगें भी हिलोरे ले रहीं हैं। उम्मीद है 2021 का नव वर्ष अपने साथ सकारात्मकता और खुशहाली लेकर आएगा।
साल 2020 में हुए बड़े बदलाव
वर्क फ्रॉम होम का ट्रेंड
कोरोना काल में सबसे बड़ा बदलाव लोगों की वर्क लाइफ में देखने को मिला। इस दौरान अधिकांश कंपनियां वर्क फ्रॉम को तरजीह दी है। लोगों को भी यह चलन पसंद आ रहा है, क्योंकि उन्हें घर पर रह कर ही काम करने का अवसर मिला, इससे वे ऑफिस के काम के साथ-साथ अपने परिवार को भी समय दे पाने में सक्षम हुए। इसके साथ ही जरुरी कामों के लिए ऑनलाइन मीटिंग्स का सहारा लिया गया जो कि काफी नया प्रयोग था और यह सफल भी रहा।
प्राइवेट वैडिंग का बढ़ा चलन
कोरोना काल के चलते दुनिया भर के देशों में रह रहे लोगों की लाइफस्टाइल में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। सोशल डिस्टैन्सिंग एक जरुरी कदम साबित हुआ है। कोरोना के प्रभाव को कम करने में और इसके कारण बड़े स्तर पर होने वाले सामाजिक कार्यक्रमों पर भी रोक लग गई। खासतौर से शादी-विवाह जैसे समारोह प्राइवेट वेडिंग में बदल गए जहां केवल चुने हुए खास मेहमान और परिवार के सदस्य शामिल हुए। ऐसे आयोजनों में खर्च भी बहुत कम हुआ और लोगों को इस बात पर विचार मिला कि फि •ाूल खर्ची और दिखावे से केवल नुकसान ही होता है। साथ ही भीड़ -भाड़ से अलग चंद खास लोगों के साथ हर उत्सव और भी खास और यादगार बन जाता है।
ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम का उपयोग
इस दौरान ऑनलाइन प्लेटफार्म के उपयोग का चलन भी बढ़ा। लोगों में घर और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान भी ऑनलाइन आर्डर करने का चलन बढ़ा और बैंकिंग जैसे जरुरी काम भी ऑनलाइन माध्यम से पूरे किए गए। इसके साथ ही बड़े -बड़े कार्यक्रमों को ऑनलाइन मंच मिला और सरकार द्वारा भी ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यमों के द्वारा नई योजनाओं की शुरुआत और अन्य कार्यक्रमों को संपन्न किया गया। ऐसे आयोजनों का फायदा भी है क्योंकि इन्हें दुनिया में कहीं भी बैठ के लाइव देखा जा सकता है और साथ ही इनमें भाग भी लिया जा सकता है, साथ ही साथ कोरोना काल में सामाजिक दूरी रखने का नियम भी पूरा हो जाता है।
सेहत और खान-पान को लेकर लोग हुए सतर्क
इस साल लोगों में साफ-सफाई के प्रति सतर्कता बढ़ी है। पर्सनल हाइजीन के साथ ही लोग आस-पास की सफाई के प्रति भी गंभीर हुए हैं। मास्क और सैनिटाइ•ार के उपयोग के साथ ही लोगों ने अपनी सेहत का ख्याल रखना शुरू किया और अपनी लाइफ स्टाइल में व्यायाम को भी शामिल किया है। आज-कल योग और मेडिटेशन को भी ज्यादा अपनाया जा रहा है , जिससे शरीर की इम्यूनिटी में सुधार हो और बीमारियों से सुरक्षा हो सके। लोगों ने अपने खान-पान में भी बड़े बदलाव किए हैं। ज्यादातर लोग सेहतमंद डाइट और घर के बने खाने को पसंद। मौसमी फलों और सब्जियों के सेवन के साथ लोगों में आयुर्वेद के प्रति भी रुझान बढ़ा है।
नए साल से हैं ढेरों उम्मीदें
नए वर्ष से लोगों को बहुत उम्मीद है और आशा है कि जल्द से जल्द हालात बेहतर होंगे और एक बार फिर से जीवन में पहले जैसी रौनक लौटेगी। वैक्सीन के आने की उम्मीद के चलते लोग भविष्य के प्रति आशान्वित तो हैं ही लेकिन साथ ही वे मौजूद समय की मांग के अनुसार अपने जीवन को उसी के अनुरूप ढाल भी रहे हैं। साल 2020 की यादें खट्टी -मीठी सी हैं जिसमें तकलीफें तो हैं पर कई अहम सबक और खुशी के पल भी शामिल हैं। आशा है कि ये नया साल हम सभी की लाइफ में कुछ नया और बेहतर समय जरूर लाएगा। लेकिन इसके साथ ही हम यदि जीवन से जुड़े हर पहलू से कुछ सीखने का जज्बा रखते हुए आगे बढ़ेंगे तो कभी भी चुनौतियों और संकटों से घबराएंगे नहीं बल्कि पूरे जोश और सकारत्मकता के साथ अपने जीवन को एक नया मोड़ देने में सफल होंगे।