
जोधपुर।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में देश के 100 शहरों में रेड व ऑरेंज कैटेगिरी की इकाइयों के विस्तार व नई इकाइयां लगाने पर रोक के आदेश दिए, इन शहरों में जोधपुर भी शामिल है। एनजीटी के इस आदेश के बाद उद्यमियों में हडकंप मच गया। वहीं एनजीटी ने अपने एक अन्य आदेश में निर्देश जारी कर यह अनिवार्य किया कि वर्तमान में संचालित हो रही इकाइयों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण मानक पूरे करने पर तथा नई इकाइयों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण मानक यानि आवश्यक मशीनरी व उपकरण होने पर ही इकाई लगाने की अनुमति दी जाएगी।
अटक जाएंगे टेक्सटाइल व स्टील प्रोजेक्ट्स
शहर में कांकाणी, बाप आदि क्षेत्रों में घोषित नए औद्योगिक क्षेत्रों में टेक्सटाइल व स्टील इंडस्ट्री के करीब 200 से ज्यादा इकाइयां लगनी है। एनजीटी के निर्देशों व गाइडलाइन्स की पालना नहीं हुई तो ये प्रोजेक्ट्स अटक जाएंगे। टेक्सटाइल इंडस्ट्री रेड कैटेगिरी में शामिल है। वर्तमान में टेक्सटाइल की करीब 380 इकाइयां संचालित हो रही है। इसके अलावा क्लस्टर या जेपीएनटी से जुड़ी स्टील इकाइयां रेड कैटेगिरी में शामिल है तथा अन्य ऑरेंज कैटेगिरी में शामिल है। शहर में करीब 92 स्टील इकाइयां है।
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ये असर पड़ेगा
- जोधपुर में घोषित नए औद्योगिक क्षेत्रों में टेक्सटाइल व स्टील के प्रोजेक्ट्स अधरझूल में।
- उद्योगों का विस्तार नहीं होगा, नए उद्यमी तैयार नहीं होंगे, बेरोजगारी बढ़ेगी।
- बढ़ते कॉम्पीटिशन के साथ नई तकनीकी वाली इकाइयां नहीं लग पाएंगी।
- वर्तमान में चल रही इकाइयां प्रगति नहीं कर पाएंगी।
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एनजीटी के आदेश की पालना सुनिश्चित करवाना कर्तव्य है। एनजीटी व सरकार उद्योगों को बंद नहीं करना चाहती बल्कि प्रदूषण नियंत्रण मानको के अनुरूप इंडस्ट्री संचालन करवाना चाहती है। रेड व ऑरेंज कैटेगिरी की इंडस्ट्रियल इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण मानक पूरे करने पर संचालन की अनुमति मिलेगी।
शैलजा देवल, सदस्य सचिव
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जयपुर
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शहर में लंबे समय से नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं हुआ है। सरकार को उद्यमियों की मदद करनी चाहिए व नीतियों में शिथिलता बरतनी चाहिए
मनोहर खत्री, उद्यमी
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टेक्सटाइल शहर का उभरता हुआ उद्योग है। पिछले कुछ समय से यह उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है। उद्यमी एनजीटी के आदेशों की पालना कर रहे है।
वरुण धनाडिया, उद्यमी