
जोधपुर. उम्मेद अस्पताल के वार्ड में भर्ती 4-5 दिन के एक नवजात शिशु को तबीयत बिगडऩे पर उसे गत सोमवार रात नर्सरी में भर्ती किया गया। मंगलवार दोपहर को अस्पताल की कार्मिक ने पिता को दूसरा बच्चा थमा दिया। इस पर पिता ने नाराजगी जताई और कहा कि ये उनका बच्चा नहीं है। मामला इतना गंभीर हुआ कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। आखिर वजन और दूसरे बिंदुओं को देख अस्पताल ने शाम को पिता को खुद का बच्चा सुपुर्द कर दिया।
दरअसल, मावडिय़ों की घाटी सूरसागर निवासी मंजू-पत्नी सुरेश की कुछ दिन पहले पुत्र को जन्म दिया। बच्चे की हालत नाजुक होने के चलते सोमवार को उसे नर्सरी भर्ती कराया गया। दोपहर को अभिभावक के हाथ में बच्चा दिया तो पिता सुरेश ने इनकार कर दिया वह उनका बच्चा नहीं है। वे अपने बच्चे की शक्ल जानते हैं। ये बच्चा किसी कर्मचारी ने हाथ में दिया था। पुलिस ने मौके पर आकर बच्चे के वजन व टैग आदि कुछ बिंदुओं की जांच की तो सुरेश का कहना सही पाया गया। शाम को आखिर मामला शॉर्ट आउट कर लिया गया। अधीक्षक डॉ. रंजना देसाई ने कहा कि पूरे मामले की जांच करेंगी। पता लगाएगी कि आखिर भूल कहां हुई।