- एमडीएम अस्पताल जनाना विंग का मामला, जनाना विंग की सुरक्षा पर सवाल
जोधपुर.
संभाग के सबसे बड़े राजकीय मथुरादास माथुर अस्पताल के जनाना विंग में एक व्यक्ति दिवसकालीन पर्यवेक्षक से चाबी ले जाकर एक्सरे रूम में रात भर सो गया। घटना 22 जुलाई की है। 23 जुलाई को अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ को पता चला, पड़ताल शुरू हुई कि रात के समय खुद को स्टाफ बताकर चाबी ले जाने और वह रात भर एक्सरे रूम में सोने वाला व्यक्ति आखिर था कौन।
जनाना विंग में सुरक्षा के लिहाज से रात में एक्सरे रूम सहित अन्य कक्ष बंद रहते हैं। इनकी चाबियां नर्सिंग अधीक्षक कक्ष में रहती है। हर चाबी का रिकॉर्ड रजिस्ट्रर में दर्ज करने नियम है। गत 22 जुलाई की शाम साढ़े 7 बजे नर्सिंग अधीक्षक कक्ष में एक व्यक्ति आया और दिवसकालीन पर्यवेक्षक से रेडियोलॉजी विभाग के चिकित्सक से फोन पर बात करवाई और एक्सरे रूम की चाबी ले गया। वह व्यक्ति रातभर एक्सरे रूम में सोया रहा। दूसरे दिन नर्सिंग स्टाफ को पता चला तो खलबली मच गई। आशंका यह भी रही कि एक्सरे रूम में वह अकेला सोया कि कोई और भी उसके साथ था। यहां तक कि दो दिन तक चाबी भी नर्सिंग अधीक्षक कक्ष में जमा नहीं हुई। चाबी का रिकॉर्ड फाइल में दर्ज किए बिना ही चाबी आगे से आगे देते रहे। हालांकि अस्पताल अधीक्षक एमके आसेरी ने इस तरह की किसी भी घटना की जानकारी मिलने से इनकार किया है।
ऐसी ढिलाई क्यों?
दो दिन बाद ही फिर अस्पतालों की सुरक्षा की पोल सबके सामने आ गई। हाल ही उम्मेद अस्पताल के लेबर रूम से पकड़ी गई एक संदिग्ध महिला को पुलिस ने पाबंद किया था। वह मरीज या प्रसूता नहीं होने के बावजूद कई दिनों से संदिग्ध हाल में लेबर रूम में घूम रही थी। अब एक्सरे रूम में किसी के सोने का मामला सामने आ गया। एक्सरे रूम मेंं किसी के रातभर सोने की बात सोमवार सुबह पता चली, तो प्रशासन से जुड़े कार्मिक इस बात पर पर्दा डालने लगे। बोले, ऐसा कुछ नहीं हुआ। बड़ा सवाल यह है कि ऐसे कोई बाहर का अनजान व्यक्ति आकर अस्पताल के कक्ष में सो कैसे सकता है? और वह भी जनाना विंग में इस तरह कोताही कैसे बरती जा सकती है? कहीं न कहीं इसमें प्रशासन की ढिलाई जरूर है।