जोधपुर

बंगाल की खाड़ी में उठे तूफान से रवि-सोम को जोधपुर में होगी पहली मावठ!

भूमध्यसागर और बंगाल के सिस्टम राजस्थान के ऊपर टकराएंगे  
2 min read
• •
Updated: 8 Dec 2017, 11:58 AM IST
weather news of jodhpur
winters in jodhpur, weather news of jodhpur, climate change in jodhpur, latest weather updates, jodhpur news

जोधपुर . अरब सागर में चक्रवाती तूफान ओखी शांत होने के बाद बंगाल की खाड़ी में तूफान पैदा हो गया है, जो डिप्रेशन (दबाव) से डीप डिप्रेशन होता हुआ देश के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में बढ़ रहा है। उधर भूमध्यसागर से भी 'स्ट्रॉंग विण्डÓ आ रही है। दोनों सिस्टम रविवार को राजस्थान के ऊपर टकराएंगे, जिससे थार प्रदेश में पहली मावठ होगी। रविवार और सोमवार बरसात के दिन है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर आधा इंच बरसात हो सकती है, जबकि जम्मू-कश्मीर सहित पहाड़ी इलाकों में भारी बरसात के साथ बर्फबारी की चेतावनी दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र पैदा हो गया है जो और गहरा होकर चक्रवात का रूप ले रहा है। आंध्रप्रदेश और उड़ीसा में भारी बरसात की चेतावनी दी गई है। इस मौसमी तंत्र की दिशा उत्तर और उत्तरी-पश्चिमी है। उधर अफगानिस्तान से होता हुआ रविवार शाम को पश्चिमी विक्षोभ भी जम्मू-कश्मीर पहुंच जाएगा। इन दोनों के प्रभाव से थार के अधिकांश हिस्सों में बरसात होगी। कुछ स्थानों पर तेज बरसात भी हो सकती है। फिलहाल थार में शुक्रवार और शनिवार को आसमान साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी। रविवार और सोमवार को बरसात होगी। मंगलवार से मौसम साफ होना शुरू हो जाएगा। बरसात के बाद सर्दी तेज पड़ेगी। पारा तेजी से लुढ़केगा।

तीन दिन बाद आज खुल गया मौसम

उधर, अरबसागरीय चक्रवात ओखी की वजह से तीन दिन तक थार में बादलों का मौसम रहने के बाद गुरुवार को मौसम पूरी तरीके से साफ हो गया। बादल छंटते ही पारा भी तेजी से नीचे आया। जोधपुर में न्यूनतम तापमान करीब चार डिग्री लुढ़ककर १२.२ डिग्री पर आ गया। धूप भी निकल आई। मंद हवा चलने से ठण्डक बनी रही। दोपहर में पारा २५.५ डिग्री रहा। ग्रामीण हिस्सों में भी तेज सर्दी रही। बाड़मेर और जैसलमेर में भी सर्दी तेज रही। जैसलमेर में रात का पारा ७.३ डिग्री तक गिर गया, जबकि दिन का २३.४ डिग्री रहा। बाड़मेर में न्यूनतम तापमान ११ और अधिकतम २६.८ डिग्री रहा। श्रीगंगानगर ३.७, माउंट आबू ५.४, चूरू ६ और बीकानेर ८ डिग्री के साथ ठण्डे स्थान रहे।

Published on: