जोधपुर

अब अकेले ‘विंड’ पर भरोसा नहीं, हाइब्रिड एनर्जी पार लगाएगी सरकार की नैय्या

इस बार हाइब्रिड एनर्जी प्लांट के लिए रिन्यूएबल एनर्जी कॉर्पोरेशन कर रहा तैयारी, पांच साल में 35 सौ मेगावाट के हाइब्रिड प्लांट लगाने का लक्ष्य
less than 1 minute read
Now wind and alternate energy is a hope of Future, hybrid energy plant will be the future model
अब 'अक्षय ऊर्जा' है भविष्य की उम्मीद, हाइब्रिड एनर्जी पार लगाएगी सरकार की नैय्या

अविनाश केवलिया/जोधपुर. रिन्यूएबल एनर्जी को एक पायदान ऊपर ले जाने के लिए राज्य सरकार अब सिर्फ विंड प्लांट पर भरोसा नहीं कर रही। इसीलिए अब ऐसे निवेशकों को लुभाया जा रहा है जोकि विंड और सोलर के संयुक्त हाइब्रिड प्लांट को लगा सके। प्रदेश में हाइब्रिड एनर्जी को बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी है।

प्रदेश में अकेले सोलर एनर्जी प्लांट के निवेश के लिए कई लोगों ने रुचि दिखाई है। लेकिन विंड एनर्जी के प्रति उदासीनता सोच का विषय है। इसीलिए राज्य सरकार की ओर से सोलर नीति के अलावा विंड और हाइब्रिड नीति संयुक्त रूप से जारी की गई है। राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉरपोरेशन की ओर से अधिक से अधिक हाइब्रिड एनर्जी के प्लांट लगवाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

क्या है हाइब्रिड एनर्जी
एक ही स्थान पर रिन्यूएबल एनर्जी के एक से अधिक प्रकार के उपकरण लगाकर बिजली उत्पादन को हाइब्रिड एनर्जी के रूप में शामिल किया गया है। राजस्थान में विंड और सोलर दोनों ही प्रकार के उपकरण एक स्थान पर लगाने वालों को हाइब्रिड के रूप में पंजीयन किया जाएगा।

पांच साल में 2500 मेगावाट के टारगेट
हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट के जरिए राज्य सरकार 2024-25 तक 3500 मेगावॉट के प्लांट लगाने का लक्ष्य रख चुकी है। लेकिन कोविड-19 फैक्टर के चलते अब तक एक भी प्लांट धरातल पर नहीं लग पाया है।

साउथ में सफल
प्रदेश में अभी तक हाइब्रिड पावर प्लांट को संस्थागत या व्यावसायिक रूप से लागू नहीं किया गया है। लेकिन आंध्र प्रदेश से शुरुआत होने के बाद दक्षिण भारत में कई स्थानों पर इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए।

इनका कहना है...
इस बार हाइब्रिड प्रोजेक्ट के रूप में काफी निवेश आने की संभावना है। इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं और राज्य सरकार ने अलग से नीति भी जारी की थी।
- अनिल गुप्ता, एमडी, राजस्थान रिन्यूएबल एनर्जी कॉरपोरेशन लिमिटेड

Published on:
11 Jun 2020 10:23 am