
महिलाओं के अपने बैंक में बन गए 600 सदस्य और 90 लाख रुपए तक बढ़ गया लेन-देन
जोधपुर. दो साल पहले 21 सदस्य से शुरू हुआ अमरमणि अपनी बचत घर योजना महिला सहकारी समिति लिमिटेड शहर का सबसे बड़ा महिला बैंकिंग समूह बन गया। इस सहकारी बैंक से 600 सदस्य पांच सौ से एक हजार रुपए तक तक की मासिक बचत से जमा पर 90 लाख तक का लेन-देन होने लगा है।
किरण कंवर रावलोत ने दो साल पहले महिलाओं को सम्मान से लोन दिलवाने और स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम शुरू की थी तो आरंभ में केवल 21 महिलाओं का ही साथ मिला। दिक्कत तब और बढ़ गई, जब बचत से ज्यादा लोन की एप्लीकेशन आ गई। समझाइश की, बचत बढ़ाई और जरूरत पर ही लोन लेने की सीख दी तो समिति मजबूत होती गईं।
महिला सशक्तीकरण
- मासिक बैठक में जरूरत के मुताबिक महिलाओं को छोटे-छोटे व्यावसायिक कार्य के लिए जमा के अनुरूप एक वर्ष की अवधि के लिए ऋण।
- बुटीक कार्य, ब्यूटीपार्लर, टिफिन सर्विस, डेयरी , सिलाई, पापड़-राबोड़ी बडिय़ां, काजू कटिंग, आचार व मशाला उद्योग के लिए लोन।
- आर्थिक रूप से सक्षम होने पर महिलाओं का घर पर-परिवार और समाज में भी सम्मान बढ़ता है।
परिवार को सहारा
- समिति से जुड़ी महिलाएं अल्पबचत से परिवार के लिए संकट या पारिवारिक जरूरत के समय सहारा बनती है।
- अल्पबचत से महिलाएं मकान या बेटी के शादी के लिए धन की समुचित व्यवस्था कर लेती है।
छोटे-छोटे व्यवसाय का प्रशिक्षण
ऋण आसानी से दो साथी महिलाओं की गारंटी से दे दिया जाता है। हम बचत पर वार्षिक 10 प्रतिशत ब्याज देते हैं। ऋण पर ब्याज 15 से 18 प्रतिशत तक लिया जाता है। समूह के सदस्य प्रतिभाशाली बच्चे के उच्च शिक्षा के लिए फीस भरने और महिला सदस्य के विधवा होने पर ऋण माफ कर दिया जाता है। मेरा महिलाओं से कहना है ऋण सिर्फ व्यवसाय और अति आवश्यक घरेलू कार्य होने पर ही लेना चाहिए। भविष्य में महिलाओं को छोटे-छोटे व्यवसाय का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि सफलता पूर्वक व्यवसाय कर सके।
- किरण कंवर रावलोत, अध्यक्ष, अमरमणि अपनी बचत घर योजना महिला सहकारी समिति लिमिटेड