जोधपुर

world aids day : जोधपुर के यह रियल हीरो संवार रहे एचआईवी पेशेंट्स की जिंदगी, बदल डाली बच्चों की तकदीर

एचआईवी एक प्रकार के जानलेवा इंफेक्शन से होने वाली बीमारी है। जानलेवा इंफेक्शन व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) पर हमला करता है। जिसकी वजह से शरीर सामान्य बीमारियों से लडऩे में भी अक्षम होने लगता है।
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Updated: 1 Dec 2019, 11:51 AM IST
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world aids day : जोधपुर के यह रियल हीरो संवार रहे एचआईवी पेशेंट्स की जिंदगी, बदल डाली बच्चों की तकदीर

अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में संचालित एचआइवी जांच एवं परामर्श केन्द्र पर 2004 में दिनेश जोशी ने एचआइवी पीडित लोगों को परामर्श एवं सहायता प्रदान करने का कार्य शुरू किया था। उस समय एचआइवी/एड्स पीडि़तों को अक्सर भेदभाव एवं कलंकित नजरों से देखा जाता था। माता-पिता की मृत्यु के बाद परिवार के अन्य सदस्यों ने बच्चों को उचित चिकित्सा एवं शिक्षा से वंचित कर दिया। जोशी, मरीजों की ये स्थिति देख भावुक हो गए। जोशी व उनके साथियों ने मिलकर संस्थान का गठन किया।

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. अरविन्द माथुर ने भी इसके लिए प्रेरणा दी। 2006 में शहर के रियल हीरो जोशी ने जोधपुर नेटवर्क ऑफ पिपुल लिविंग विथ एचआइवी संस्थान (जेएनपी प्लस) का पंजीयन कराया। उस वक्त दवाइयों की कमी से कई पीडि़त कालग्रास हो गए। धीरे-धीरे समाजसेवी व प्रशासन से जोशी को सहयोग मिलने लगा। जोशी की टीम एचआइवी पीडि़तों के जीवन स्तर को सुधारने का कार्य कर आगे बढ़ती रही।

परिवार व समाज में बन रहे भेदभाव का शिकार
एचआइवी संक्रमित बच्चों के माता-पिता की मृत्युु (एड्स की वजह) से होने के पश्चात् बच्चों को परिवार के अन्य सदस्यों से प्यार नहीं मिलता। आरोप है कि इन बच्चों की अच्छी तरह से देखरेख नहीं की जाती है। घर के अन्य सदस्य अपने बच्चों के साथ खेलने व पढऩे तक नहीं देते हैं। परिजन मानते हैं कि बार-बार अस्पताल तक लेकर जाने से कोई मतलब नही हैं। शिकायतें ये भी हैं कि इन बच्चों को स्कूलों में भी दूसरे बच्चों से अलग बैठाया जाता है।

क्या है एचआईवी एडस
एचआईवी एक प्रकार के जानलेवा इंफेक्शन से होने वाली बीमारी है। जानलेवा इंफेक्शन व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) पर हमला करता है। जिसकी वजह से शरीर सामान्य बीमारियों से लडऩे में भी अक्षम होने लगता है। ये बीमारी तीन चरणों (प्राथमिक चरण, चिकित्सा विलंबता होना और एड्स) में होती है।

एड्स पर फैक्ट फाइल


विश्व में एड्स पीडि़त
व्यस्क - बच्चे
3 करोड़ 25 लाख - 18 लाख

भारत में पीडि़त
व्यस्क- बच्चे
22 लाख 50 हजार - 2 लाख 80 हजार

राजस्थान के हाल
व्यस्क- बच्चे
92 हजार - 13 हजार

जोधपुर संभाग की स्थिति
व्यस्क - बच्चे
23 हजार - 1550
मौत- 950 - 250 बच्चे

स्कूल में कार्यक्रम
एड्स जागरूकता पर यादव पब्लिक सीसै स्कूल में एड्स जागरूकता दिवस मनाया गया। इसमें 260 बच्चे व 23 अध्यापकों ने हिस्सा लिया।

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