हाथियों के शिकार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। खासकर अफ्रीका में हाथी दांत के लिए हाथी का शिकार बड़े पैमाने पर किया जाता है
जोधपुर। हाथियों के शिकार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। खासकर अफ्रीका में हाथी दांत के लिए हाथी का शिकार बड़े पैमाने पर किया जाता है। लगातार कम हो रही हाथी की संख्या के चलते पूरे विश्व में हाथी को बचाने के प्रयास चल रहे हैं। भारत में भी हाथी (World Elephant Day) की कम हो रही संख्या को बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से करीब 33 रिजर्व बनाए गए हैं। राजस्थान में एक भी हाथी रिजर्व नहीं है। वहीं आपको जानकर आश्चर्य होगा कि हाथी एक दिन में करीब 150 किलो तक खाना खा जाता है।
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घटती संख्या का प्रमुख कारण
प्रमुख रूप से हाथी दांत के लिए हाथी का अधिक संख्या में शिकार किया जा रहा है। उनके प्राकृतिक आवास को क्षति पहुंचाने के साथ ही अब हाथी (World Elephant Day) को सवारी के रूप में काम लिया जाने लगा है। मनुष्यों के मनोरंजन के लिए हाथी की सवारी को बहुत पसंद किया जाने लगा है। इससे जंगल के जानवर को बांधकर रखा जाता है। साथ ही कई वर्षों से लगातार सिर्फ सवारी के रूप में काम आने से उनकी शारीरिक मुद्रा भी बिगड़ रही है।
फैक्ट फाइल
450000 के करीब हाथी हैं विश्व में
33 हाथी अभयारण्य है भारत में
27,312 हाथी भारत में (पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट 2017 के अनुसार)
84 के करीब हाथी राजस्थान में