
विश्व मोटापा दिवस : स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं, मोटापे से निजात पाएं
- डॉ. महेंद्र लोढ़ा, एडिशनल प्रोफेसर, जनरल सर्जरी विभाग, एम्स जोधपुर
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 65 करोड़ से ज्यादा वयस्क मोटापे से ग्रसित है। इनमें से 13.5 करोड़ लोग भारतीय हैं। आसान भाषा में कहें तो देश की 20-30 प्रतिशत आबादी मोटापे से ग्रसित हैं। यही नहीं इसमें एक बड़ा प्रतिशत बच्चों का भी हैं, जिनके जीवन में घर के पौष्टिक आहार की जगह पिज़्ज़ा, बर्गर जैसे जंक फ़ूड ने ले ली हैं।
शरीर में जरूरत से ज्यादा मात्रा में फैट (वसा) के जमने को मोटापा कहते हैं। यह फैट कई प्रकार का होता है। इनमें से विसेरल फैट सबसे ज्यादा खतरनाक है। ये सफेद फैट है, जो पेट के साथ लिवर, किडनी, आंत और हार्ट के आसपास जमा होता है और ये कई गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। इसके जमा होने के प्रमुख कारण असंतुलित आहार, गलत दिनचर्या एवम अत्याधिक तनाव हैं। शोधों के अनुसार भारतीय मूल के लोगों में विसेरल फैट ज्यादा जमा होता हैं। हम यदि एक 60 किलो के भारतीय की तुलना एक 60 किलो के अमेरिकी नागरिक से करें तो भारतीय नागरिक के अंगों में वसा ज्यादा जमा हुआ मिलेगा।
हर साल 28 लाख मौतमोटापे के कारण हर साल 28 लाख लोगों की मृत्यु होती हैं। वास्तव में यह मोटापा उस बीज की तरह है, जो आपके लिए भविष्य में मधुमेह, बीपी, दिल की बीमारी, गुर्दों की बीमारी, पित्ताशय का रोग, वसा यकृत रोग, गठिया, स्लीप एपनिया और सांस लेने की अन्य समस्याओं की उपज बन सकता हैं।
बीएमआइ 23 से ज्यादा तो ध्यान रखें
मोटापे को नापने के कई पैमाने है। इसे नापने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल बीएमआइ का होता हैं। यदि आपका बीएमआइ 23 से अधिक है तो आपका वजन जरूरत से ज्यादा हैं। अगर आपका बी.एम.आई 25 से अधिक है तो आप मोटापे की श्रेणी में आते हो।
जीवन शैली बदलें
संतुलित आहार खाएं। साथ ही नियमित तौर पर व्यायाम करें। जिन लोगों का वजन बहुत ज्यादा हैं या जो दिनचर्या एवं आहार को संतुलित करने के बाद भी अपना वजन कम नहीं कर पा रहें हैं, उनके लिए एम्स में बेरिएट्रिक सर्जरी जैसी आधुनिक सर्जरी भी उपलब्ध हैं। यह तीन प्रकार की होती हैं - गैस्ट्रिक बायपास, स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी तथा ड्यूडेनल स्विच। इस सर्जरी से घबराने की आव्यशकता नहीं हैं। इस सर्जरी में आपके पेट को छोटा किया जाता है, जिससे आपको अत्याधिक भूख न लगे एवं आपका वजन नियंत्रण में रहे।