जोधपुर

HANDICRAFT—डब्ल्यूटीओ की मानी बात, हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर अब अलग काउंसिल में

- हैण्डीक्राफ्ट प्रोडक्ट अब एच.एस.एन. कोड के तहत अलग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल में रजिस्टर्ड - नतीजा: ईपीसीएच करेगा अलग फेयर, निर्यातकाें में निराशा
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Apr 25, 2023
HANDICRAFT---डब्ल्यूटीओ की मानी बात, हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर अब अलग काउंसिल में
HANDICRAFT---डब्ल्यूटीओ की मानी बात, हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर अब अलग काउंसिल में

जोधपुर।

वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूटीओ) की गाइडलाइन के अनुसार हर प्रोडक्ट के हार्मनाइज्ड सिस्टम ऑफ नोमेनक्लेचर (एचएसएन) कोड अलग-अलग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल में रजिस्टर्ड होगें । डब्ल्यूटीओ की बात मानते हुए केन्द्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय ने हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर का हार्मनाइज्ड सिस्टम ऑफ नोमेनक्लेचर (एचएसएन) कोड को एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फोर हैण्डीक्राफ्ट (इपीसीएच) से बाहर कर अन्य केमिकल्स एण्ड एलाइड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (केपेक्सिल) में डाल दिया है। जोधपुर का हैन्डक्राफ्टेड फर्नीचर जो अब तक ईपीसीएच के अंतर्गत आता था अब एचएसएन कोड के तहत केपेक्सिल में आ गया है।

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अलग होगा हैण्डीक्राफ़्ट फर्नीचर फेयर

हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर को इपीसीएच से केपेक्सिल में डालने के बाद एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फोर हैण्डीक्राफ्ट्स (इपीसीएच) ने आगामी अक्टूबर में हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर का अलग फेयर करने की घोषणा की है, इसको लेकर प्रदेश के हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर निर्यातकों में निराशा है। निर्यातकों का कहना है कि अब स्टॉल बुकिंग के लिए क्लबिंग होगी, जिससे निर्यातकों को स्टॉल के लिए कम जगह मिलेगी व वे अपने उत्पादों का सही ढंग से प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे।

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जयपुर-जोधपुर निर्यात एक नजर में (करोड़ों में)

शहर---- 2021-22------2022-23

जयपुर--- 8000----4000

जोधपुर---4500---- 2600

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जोधपुर का हैण्डीक्राफ्ट निर्यात कारोबार

- 4 हजार करोड़ का सालाना टर्न ओवर

- 2000-2500 हैण्डीक्राफ्ट इकाइयां

- 800 हैण्डीक्राफ्ट निर्यातक

- 2 लाख आर्टिजन्स-मजदूर रोजगार पा रहे इस उद्योग से

- 90 से अधिक देशों में निर्यात हो रहा जोधपुरी हैण्डीक्राफ्ट

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जयपुर और जोधपुर में शीशम, आम और बबूल की लकड़ी से फर्नीचर बनाया जाता है। भारत में अनेक बड़ी कंपनियां प्लाईवुड और लेमिनेटेड बोर्ड से भी फर्नीचर बनाकर एक्सपोर्ट करती हैं, जिसके आधार पर वाणिज्य मंत्रालय ने फर्नीचर के एचएस कोड को ईपीसीएच से हटाकर केपेक्सिल में डाल दिया है। हैंड क्राफ्टेड फर्नीचर के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए भारत सरकार को अलग नोमेनक्लेचर बनवाने पर जोर देना चाहिए।

नवनीत झालानी, को-ऑर्डिनेटर,

राजस्थान हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स जॉइंट फोरम, जयपुर

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हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर सॉलिड वुड का होता है, इसमें हैण्ड टूल्स काम में लेते है, जबकि फिनीशिंग हाथ से ही करते है। सरकार से हैण्डीक्राफ्ट को इपीसीएच में वापस लेने की मांग कर रहे है।

भरत दिनेश, अध्यक्ष

जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

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Published on:
25 Apr 2023 07:00 am