
न्यायाधीश संदीप मेहता तथा न्यायाधीश अभय चतुर्वेदी की खंडपीठ ने मसूरिया निवासी केतन बंजारा की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिए। याची के अधिवक्ता अशोक जोशी ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता का पुत्र नरेश 25 नवंबर, 2017 से लापता है। पिछले 22 महीनों में स्थानीय पुलिस युवक को ढूंढने में नाकाम रही है। याची ने अगले ही दिन प्रतापनगर थाने में गुमसुदगी रिपोर्ट दर्ज करवा दी थी। बाद में लापता पुत्र की हत्या की आशंका होने पर पिता ने देवनगर पुलिस थाने में दो महिलाओं सहित छह लोगों के खिलाफ अपहरण, हत्या व षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाई, लेकिन पुलिस जांच का नतीजा सिफर रहा है। पिता का आरोप था कि उसके पुत्र की 30 नवंबर, 2017 को राजसमंद निवासी एक युवती से सगाई होने वाली थी। युवती का किसी अन्य से प्रेम प्रसंग चलने के कारण रंजिशवश उसके पुत्र के साथ आरोपियों ने आपराधिक कृत्य किया है।