कांकेर

पत्थलगड़ी को पुरानी परंपरा बता, जेल भरो आंदोलन में 542 लोगों ने दी गिरफ्तारी

संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने संयुक्त रूप से मंगलवार को पत्थलगढ़ी को एक पुरानी परम्परा बताते हुए जेल भरो आंदोलन में उग्र प्रर्दशन किया।

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May 30, 2018
पत्थलगढ़ी को पुरानी परंपरा बता, जेलभरो आंदोलन में 542 लोगों ने दी गिरफ्तारी

कांकेर. जिले में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने संयुक्त रूप से मंगलवार को पत्थलगढ़ी को एक पुरानी परम्परा बताते हुए जेल भरो आंदोलन में उग्र प्रर्दशन किया। कांकेर, नरहरपुर, चारामा और भानुप्रतापपुर ब्लॉक एवं अन्य स्थानों पर 542 लोगों ने बतौर अस्थाई जेल में अपनी गिरफ्तारी दी। गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी होते ही सभी को मुचलका भरवाकर छोड़ दिया गया।

गोंड़वाना भवन से कलक्टर के घेराव के लिए रैली निकाल रहे पदाधिकारियों को पुराना कम्युनिटी हाल के पास पुलिस ने रोक लिया। विरोध करने पर सुरक्षाबल के जवानों ने पुराने कम्युनिटी हाल में अस्थाई जेल बनाकर 358 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। रास्ता रोकने पर पुलिसकर्मियों के साथ संगठन के लोगों में धक्कामुक्की भी हुई। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने अपनी समस्याओं को त्वरित समाधान के लिए आंदोलन किया और कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा। विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वनांचल क्षेत्र में निवास करने वाले एससी, एसटी, ओबीसी व सामान्य के लोग वर्षों से अपनी सांस्कृतिक एवं पारंपरिक रूप से एकरुपता के साथ सौहाद्र्रपूर्ण जीवन जी रहे हैं। इस एकता को सरकार खंडित कर रही है। इस मौके पर सुमेर सिंह नाग ने कहा कि उनकी मांग जायज है। शासन को जल्द ही इन मांगों को पूरा करना होगा। पूर्व सांसद सोहन पोटाई ने एसटी एससी कानून के पालन करने को कहा, इसके अलावा जल, जंगल, जमीन को लेकर विस्तार पूर्वक जानकारी दी। जनपद सदस्य राजेश भास्कर ने कहा कि बस्तर अंचल में सामाजिक समरस्ता को खत्म करने का प्रयास सरकार कर रही है।

पांचवीं अनुसूची लागू होने के बाद भी पंखाजूर में आदिवासी की भूमि पर कब्जा कर कुछ लोगों द्वारा मकान बनाया जा रहा है। बुधियार बारला ने कहा कि सभी समाज के लोगों को एक साथ संगठन में रहकर काम करना होगा। रोमनाथ जैन ने अपनी बात रखी। प्रदर्शन के दौरान रमाशंकर दर्रो, राजेश भास्कर, इन्द्रभान ठाकुर, नरोत्तम पडोटी, महेन्द्र यादव, प्रदीप कुलदीप, कुंवर लाल कवाची, तरेन्द्र भंडारी, मिलाप मंडावी, नरोत्तम पटेल, रामेश्वर सलाम, योगेश सिन्हा, राजकुमार विश्वकर्मा, मिलाप मंडावी, गोमती सलाम, प्रमीला सोरी, पदमा कावड़े, उषा, अनिता नरेटी, सुनीता मंडावी आदि शामिल थे।

संघ ने कहा छग. में अन्य पिछड़ा वर्ग को कम से कम 27 प्रतिशत या जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिया जाए। छग. में अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण १६ प्रतिशत था उसे वर्ष 2012-13 में 25 प्रतिशत की कटौती कर 12 प्रतिशत कर दिया गया है, उसे पुन: 16 प्रतिशत किया जाए। पत्थलगड़ी आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्र की वर्षों पुरानी स्वथ्य परंपरा है, जो आज तक निर्विवाद रही है, इसे विवाद का विषय बनाकर सरकार जशपुर, कोरबा , राजनांदगांव आदि जिलो के आदिवासियों पर देशद्रोह का मामला बनाकर आपसी सौहार्द्र को समाप्त कर रही है। इस विषय में छग. के आदिवासियों के उपर देशद्रोह, माओवादी बताकर जिन लोगों को अंदर किया गया है उन्हे नि:शर्त तत्काल रिहा किया जाए। अगर जेल से रिहा नहीं किया गया तो आदिवासी समाज के लोग उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

नरहरपुर. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने पत्थलगढ़ी के आरोप में गिरफ्तार किए गए साथियों को नि:शर्त रिहाई करने की मांग को लेकर 155 लोगों ने पुलिस को गिरफ्तार दी। संयुक्त संघर्ष मोर्चा बैनर तले पत्थलगढ़ी के आरोप में गिरफ्तार साथियों को छुड़ाने के लिए करीब 500 लोग पहुंचे थे। इसमें 155 लोगो ने अपनी-अपनी गिरफ्तारी दी। गिरफ्तारी से पहले समस्त आदिवासी समाज के लोगों ने नगर के गोड़वाना भवन में एकत्र हुए और यहां रैली निकाली। रैली अपराह्लन करीब 3.15 बजे उन्मूक्त खेल मैदान पहुंची जहां अस्थाई जेल बना था वहां गिरफतारी दी। गिरफ्तार लोगों को शाम 4 बजे छोड़ा गया। इस अवसर पर बरातूराम नाग, हेमलाल मरकाम, रोहिदास सोरी, शंकर शोरी, राजाराम कुंजाम आदि थे।

भानुप्रतापपुर. सर्व आदिवासी संभाग द्वारा जेल भरो आंदोलन को लेकर बुलाई गई सभा में महज ग्यारह लोगो में ही सिमट कर रह गई। पत्थलगढ़ी आंदोलन में गिरफ्तार हुए अपने नेताओं को छुड़ाने के लिए भानुप्रतापपुर सर्व आदिवासी समाज द्वारा जेल भरो आंदोलन बूढ़ादेव सभागार में बुलाई गई थी। जहां गिनती के लोग ही पहुंच पाए, अपनी गिरफ़्तारी देने के लिए पुलिस प्रशासन इस मामले को लेकर पहले से ही सतर्क था, ऐसडीओपी और टीआई द्वारा दल बल के साथ बूढ़ादेव सभागार पहुंच कर वही गिरफ़्तारी कर उन्हें रिहा किया गया। इस मौके पर सर्व आदिवासी समाज प्रदेश अध्यक्ष दुपेश कोसमा, ज्ञान गौर, इंद्रभान नरेटी, संतोष भुआर्य, अमर कचलाम, चेतन मरकाम, तिजऊ हिडको, किशोर मांडवी, संजय बेलसरिया द्वारा गिरफ़्तारी दी गई।

भानुप्रतापपुर 11

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Updated on:
30 May 2018 02:58 pm
Published on:
30 May 2018 02:48 pm
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