CG News: ट्रक 29 अप्रैल 2021 को दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी जिसके मरम्मत के लिए 6,12,550 का क्लेम बीमा कंपनी के समक्ष मय सबूत पेश किया गया लेकिन कंपनी ने क्लेम पास करने से इनकार कर दिया।
CG News: कांकेर उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वारा विगत दिनों दो बीमा कंपनियों को विभिन्न मामलों में सबक सिखाया गया। प्रथम प्रकरण में विकास कुमार विश्वकर्मा निवासी नाथिया नवागांव कांकेर द्वारा फोर्स तूफान वाहन क्रय की गई थी जिसका बीमा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी धमतरी द्वारा किया गया था।
11 अक्टूबर 2023 को उक्त वाहन बालोद के ग्राम तरोंद के पास चलती हालत में आग लगने से पूरी तरह खाक हो गई थी। जिसकी लिखित सूचना पुलिस को उसी दिन तथा 2 जनवरी 24 को लिखित रूप से सबूत सहित बीमा कंपनी को दी गई थी। लेकिन क्लेम पास करने के बजाय बीमा कंपनी आरटीओ से पंजीयन निरस्त करवाने को कहने लगी जो कि असंभव था।
क्योंकि वाहन धमतरी से 5 साल के लिए फाइनेंस पर था। इस पर बीमा कंपनी ने क्लेम की रकम देने से इनकार कर दिया। पीड़ित उपभोक्ता विकास विश्वकर्मा ने कांकेर जिला उपभोक्ता आयोग में मामला प्रस्तुत किया। जिसके फैसले में अध्यक्ष सुजाता जायसवाल तथा सदस्य डाकेश्वर सोनी ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि फरियादी को 8,92,273 रुपए क्षतिपूर्ति प्रदान करें।
उस पर परिवाद प्रस्तुति की तारीख से 7 प्रतिश ब्याज भी दें। एक माह तक रकम प्रदान न करने पर ब्याज की राशि 9 प्रतिशत हो जाएगी। मानसिक पीड़ा व परेशानी की क्षतिपूर्ति 10,000 तथा मुकदमे का हरजा खर्चा 3,000 भी प्रदान करें। द्वितीय प्रकरण में सरिता पाढ़ी निवासी भानुप्रतापपुर ने अपनी अशोक लीलैंड ट्रक का बीमा एचडीएफसी इंश्योरेंस कंपनी से गुड्स केरिंग कंप्रिहेंसिव पॉलिसी के अंतर्गत कराया था।
उपर्युक्त ट्रक 29 अप्रैल 2021 को दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी जिसके मरम्मत के लिए 6,12,550 का क्लेम बीमा कंपनी के समक्ष मय सबूत पेश किया गया लेकिन कंपनी ने क्लेम पास करने से इनकार कर दिया। फरियादी सरिता पाढ़ी ने उपभोक्ता आयोग की शरण ली, जिस पर विचार कर महत्वपूर्ण फैसले में उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिया कि फरियादी 2,37,750 रुपए की बीमा दावा राशि पाने की हकदार है।
CG News: 20 अप्रैल 22 से संपूर्ण रकम अदा होने तक 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा जो एक माह की अवधि के पश्चात 9 प्रतिशत हो जाएगा। मानसिक पीड़ा, परेशानी की क्षतिपूर्ति राशि 20,000 एक माह के भीतर प्रदान करनी होगी तथा मुकदमे का हर्जा खर्चा 5000 भी देना होगा। उपर्युक्त दोनों फैसलों से कांकेर जिले में प्रसन्नता व्याप्त है।