
Kanker News: रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम और भाई की लंबी उम्र की कामना का प्रतीक माना जाता है। लेकिन अंतागढ़ विकासखंड के रावघाट प्रभावित ग्राम फूलपाड़ में इस बार रक्षाबंधन का दिन एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। जहां अन्य बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना कर रही थीं, वहीं तीन बहनों ने अपने 12 वर्षीय एकलौते भाई हेमराज कुमेटी की कलाई पर राखी बांधकर उसे अंतिम विदाई दी।
परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण मासूम की जान चली गई। इस घटना ने रावघाट क्षेत्र में बीएसपी प्रबंधन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर किए गए दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की तलाश के बीच आखिरकार रक्षाबंधन की सुबह हेमराज ने दम तोड़ दिया। परिवार के लिए यह क्षण असहनीय था। तीन बहनों का एकमात्र भाई अब इस दुनिया में नहीं था। रक्षाबंधन के दिन बहनों ने अपने मृत भाई की कलाई पर राखी बांधी और नम आंखों से उसे हमेशा के लिए विदा किया। गांव में इस घटना के बाद शोक और आक्रोश का माहौल है।
परिजनों के अनुसार, हेमराज कुमेटी की तबीयत बिगड़ने पर उसे दंडकवन स्थित स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। बताया गया कि बच्चे को अलग-अलग समय पर तीन बार स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए समय पर आवश्यक जांच की व्यवस्था नहीं हो सकी। जब बच्चे की हालत अधिक बिगड़ गई तो परिजन उसे नारायणपुर स्थित आश्रम लेकर पहुंचे। वहां बच्चे का एक्स-रे कराया गया। परिजनों के अनुसार, जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि बच्चे के हृदय में छेद होने की समस्या है।
जानकारी के अनुसार, रावघाट समिति के अध्यक्ष और सदस्यों ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए बीएसपी प्रबंधन के जीएम अनुपम बिष्ट से भी इस संबंध में चर्चा की थी, ताकि बच्चे को समय रहते मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराया जा सके। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसके बावजूद आवश्यक स्तर पर त्वरित चिकित्सा व्यवस्था नहीं हो सकी। आखिरकार मासूम ने दम तोड़ दिया।