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Karregutta Operation: कर्रेगुट्टा ऑपरेशन की स्पष्ट जांच होनी चाहिए… प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा

Karregutta Operation: भूपेश बघेल ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री बयान देते हैं, फिर उपमुख्यमंत्री उनका खंडन करते हैं। अब डीजीपी ने बयान बदलकर कहा कि 22 नहीं बल्कि 31 नक्सली मारे गए हैं।
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May 16, 2025
Karregutta Operation: कर्रेगुट्टा ऑपरेशन की स्पष्ट जांच होनी चाहिए… प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा

Karregutta Operation: सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कर्रेगुट्टा ऑपरेशन को लेकर स्पष्ट और पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार के बयान में विरोधाभास है, जो जनता के बीच भ्रम फैलाता है।

Karregutta Operation: ‘ब्लैक फॉरेस्ट’ ऑपरेशन

भूपेश बघेल ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री बयान देते हैं, फिर उपमुख्यमंत्री उनका खंडन करते हैं। अब डीजीपी ने बयान बदलकर कहा कि 22 नहीं बल्कि 31 नक्सली मारे गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसे ‘संकल्प’ बताया, जबकि डीजीपी ने इसे ‘ब्लैक फॉरेस्ट’ ऑपरेशन करार दिया।

यूनिफाइड कमांड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं, लेकिन उन्हें यह भी पता नहीं कि कौन सा अभियान चल रहा है। गृह मंत्री को भी नहीं पता। कल बीजापुर में अधिकारियों ने दोनों के बयान को खारिज कर दिया। न तो ‘संकल्प’ है और न ‘विकल्प’, यह ‘ब्लैक फॉरेस्ट’ है, यह कितनी बड़ी बात है।

भव्य स्वागत और रैली निकाली गई…

Karregutta Operation: पूर्व मुख्यमंत्री के बीजापुर दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेलसनार, भैरमगढ़, माटवाड़ा, नैमेड, बीजापुर, मद्देड और भैरमगढ़ में भव्य स्वागत और रैली निकाली। इस अवसर पर बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी, मितलेश स्वर्णकार, राजमन बेंजाम, शंकर कुडियम, लालू राठौर, कमलेश कारम, नीना रावतिया उद्दे, लच्छू राम मौर्य, बसंत ताटी, रिता चापा, मिच्छा मुतैया, कामेश्वर गौतम, मनोज अवलम समेत अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।

Karregutta Operation: पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी एक दिवसीय यात्रा के दौरान भोपालपटनम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और कुचनूर गांव के पास कोरंडम खदान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ़ वन क्षेत्र में अवैध कोरंडम खनन कर रही है।

वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को तेंदूपत्ता तोड़ने से रोक रही है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत काम बंद है और तेंदूपत्ता का काम भी रुका हुआ है। पहले बैंकों की कमी के कारण नकद भुगतान होता था, अब वह भी बंद हो गया है, जिससे ग्रामीण रोजगार के लिए पलायन कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है।

Updated on:
16 May 2025 11:52 am
Published on:
16 May 2025 11:52 am