
Chhattisgarh News: कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र में बुधवार देर रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के कारण बांदे-पखांजूर मुख्य मार्ग पर कई स्थानों पर विशाल पेड़ और बिजली के पोल गिर गए, जिससे सड़क पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। हालात इतने खराब हो गए कि यात्री बसों का संचालन भी रोकना पड़ा। गुरुवार सुबह तक मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आंधी का सबसे ज्यादा असर बांदे-पखांजूर मुख्य सड़क पर देखने को मिला। तेज हवा के झोंकों से सड़क किनारे खड़े कई बड़े पेड़ जड़ समेत उखड़कर सड़क पर गिर गए। कई स्थानों पर पेड़ इस तरह गिरे कि पूरी सड़क बंद हो गई और किसी भी वाहन का निकलना संभव नहीं रहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, देर रात से ही मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया था, जिसके कारण कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए।
पेड़ों के गिरने से कई बिजली के पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए। इससे क्षेत्र के कई गांवों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली विभाग की टीम नुकसान का आकलन करने में जुटी है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक कई इलाकों में बिजली बहाल नहीं हो सकी थी।
मुख्य सड़क बंद होने का असर सार्वजनिक परिवहन पर भी पड़ा। बांदे-पखांजूर मार्ग पर चलने वाली यात्री बसों का संचालन रोकना पड़ा। कई निजी वाहन और मालवाहक ट्रक भी घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। रास्ता बंद होने से लोगों को वैकल्पिक मार्ग तलाशने पड़े, जबकि कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
तेज आंधी का असर बांदे स्थित बीएसएफ (BSF) कैंप परिसर में भी देखने को मिला, जहां एक बड़ा पेड़ गिरने की सूचना है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर नुकसान की सूचना नहीं मिली।
घटना की सूचना मिलते ही गुरुवार सुबह बांदे पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाने का अभियान शुरू किया। जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मार्ग को जल्द से जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यातायात सामान्य करने के लिए लगातार राहत कार्य जारी है।
एक ओर पुलिस और स्थानीय लोग सड़क साफ करने में जुटे रहे, वहीं लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम के देर तक मौके पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों और यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यदि विभाग की टीम समय पर पहुंच जाती तो सड़क जल्द खुल सकती थी और लोगों को इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
प्रदेश में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने पहले ही कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई थी। लगातार बारिश के कारण पेड़ों की जड़ें कमजोर हो चुकी थीं, जिसके चलते तेज हवा के साथ बड़ी संख्या में पेड़ धराशायी हो गए।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अलर्ट का पालन करने की अपील की है। साथ ही सड़क पर गिरे बिजली के तारों और पोल से दूर रहने की भी सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि सड़क से पेड़ हटाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द जनजीवन सामान्य हो सके।