Kanker News: जिला प्रशासन द्वारा कब्रिस्तान के लिए दिए गए जमीन का विरोध अब 16 गांव के ग्रामीण कर रहे हैं। उनकी मांग है कि जो लोग गांव में देवी देवताओं के संबंध में चंदा देने का विरोध करते हैं।
Chhattisgarh News: कांकेर। जिला प्रशासन द्वारा कब्रिस्तान के लिए दिए गए जमीन का विरोध अब 16 गांव के ग्रामीण कर रहे हैं। उनकी मांग है कि जो लोग गांव में देवी देवताओं के संबंध में चंदा देने का विरोध करते हैं। उन लोगों को गांव के शरहद में कफन दफन के लिए जमीन नहीं दिया जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि धर्मांतरित समाज के लोगों द्वारा कब्रिस्तान की मांग जिला प्रशासन से किया गया था, इस संबंध में गांव के किसी भी ग्रामीण (cg news) या ग्राम प्रमुखों को इसके संबंध में जानकारी नहीं है। ग्राम प्रमुखों के बिना सहमति के वे लोग आवेदन कर दिए। आवेदन के आधार पर जब जिला प्रशासन गांव में पहुंची तब उनको जानकारी हुई कि धर्मांतरित लोगों द्वारा गांव में कफन दफन के लिए जमीन की मांग की है।
तब आसपास के ग्राम पीढ़ापाल, कानागांव, तुलतुली, धनतुलसी, पुसाझर, नयापारा, केकतीपारा, मुरागांव, भैसगांव, टोंडामरका, बुधियारमारी, मुजांलगोंदी के ग्रामीणों के साथ बैठक किया।जिसमें यह निर्णय लिया गया कि धर्मांतरित लोगों द्वारा गांव के देवी देवताओं के संबंध में पूजा पाठ के लिए मांगा गया चंदा नहीं देते हैं। गांव के शीतला, जिमींदारी व अन्य देवी देवताओं को नहीं मानते हैं। समाज के किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होते हैं। प्रसाद भी ग्रहण नहीं करते हैं और उसे फेंक कर देवी देवताओं का अपमान करते हैं। जब उनके द्वारा गांव के देवी देवताओं को नहीं माना जाता तो फिर गांव में उनको कफन दफन के लिए जमीन कैसे देेंगे।
मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावन
गांव शीतला व जिमींदारी का अपमान करने वालों को गांव में कफन दफन करने के लिए जमीन नहीं देंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग किया कि धर्मांतरित समाज को गांव के शरहद में कफन दफन के लिए जगह नहीं दिया जाए। यदि उनकी मांग पूरी (kanker news) नहीं होती तो क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान अकबर नेताम, कार्तिम राम के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।