
कांकेर . छत्तीसगढ़ में जहां एक तरफ उपचुनाव की सरगर्मी तेज है वही प्रदेश की विपक्ष पार्टी RSS के कार्यकर्ताओं के हत्या (RSS Worker killed) और हिंसा का न्याय मागतें नज़र आ रही है। राजधानी में आरएसएस के कार्यकर्ताओं के द्वारा 8 सितम्बर को vip रोड स्थित राम मंदिर में शांति विरोध प्रदर्शन किया गया और छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अंचल में आरएसएस के कार्यकर्ता के साथ हो रहे हिंसा और हत्या का जमकर विरोध जताया।
27 अगस्त की रात कोंडे निवासी आरएसएस कार्यकर्ता दादूसिंह की गोली मारकर की हत्या कर दी गई। हत्यारों के गिरोह से पुलिस ने बुधवार को और दो आरोपियों को पकड़ा है। दुर्गुकोंदल पुलिस को मृतक की पत्नी के द्वारा दिए गए बयानों एवं जानकारी के आधार पर आरोपी दलसु पूडो और सुकालू यादव को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इससे पहले तीन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तारी कर चुकी है।
पुलिस अधीक्षक केएल ध्रुव ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की पत्नी ने पुलिस को जो जानकारी दी है और घटनास्थल पर मिले सूत्रों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसी प्रयास में आज दो आरोपियों को पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली है। हालांकि पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि यह वारदात नक्सली वारदात होने को प्रायोजित की गई है।पुलिस का मनना है कि हत्या नक्सलियों द्वारा नहीं बल्कि स्थानीय लोगों की साजिश के तहत की गई है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अभी भी इस मामले में संलिप्त आरोपियों की तलाश लगातार की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।अभी तक उन दो आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जिन्होंने मृतक पर फायर किया था। घटनास्थल से मिले गोलियों के खोखे अलग-अलग पिस्तौल के थे, जबकि एक ही पिस्तौल से गोली चलाई गई थी।
इस मामले में यह बात भी गौर करने वाली है कि कुछ दिनों पहले दादू सिंह की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए नक्सलियों के द्वारा कथित पर्चे फेंके गए थे। जिन्हें पुलिस नक्सलियों के द्वारा फेंके गए पर्ची नहीं बता कर स्थानीय लोगों की साजिश बता रही है। अभी तक जिला पुलिस यह मानकर चल रही है कि इस घटना को स्थानीय लोगों के द्वारा ही अंजाम दिया गया है।
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