
कन्नौज. हरियाली तीज से चंद दिन पहले डिंपल यादव ने सार्वजनिक ऐलान कर दिया है कि अब कन्नौज से अखिलेश यादव ही चुनाव लड़ेंगे। अपनी राजनीति के बारे में डिंपल का कहना है कि पार्टी कार्यकर्ता की हैसियत से अन्य मोर्चों पर सक्रिय रहेंगी। उधर, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अगले माह कन्नौज से साइकिल यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया है। 50 किलोमीटर लंबी यात्रा कन्नौज की ठठियामंडी से शुरु हो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की हवाईपट्टी तक जाएगी। अखिलेश की साइकिल यात्रा को खजांची और उसका परिवार झंडी दिखाएगा। गौरतलब है कि खजांची वह है, जिसका जन्म नोटबंदी के दिनों में बैंक की लाइन में लगी महिला के प्रसव हो जाने पर हुआ था। उस वक्त तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ही उसे खजांची नाम दिया था।
साइकिल चलाकर खोलेंगे भाजपा की पोल
यूं तो बीती 5 अगस्त को अखिलेश यादव ने साइकिल यात्रा का ऐलान किया था। रणनीति के मुताबिक, इस यात्रा के जरिये जनसंपर्क में भाजपा की जनविरोधी नीतियों को उजागर करेंगे और समाजवादी सरकार की उपलब्धियों का प्रचार किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि साइकिल यात्रा प्रत्येक जिले में निकाली जाएगी, लेकिन विस्तृत कार्यक्रम जल्द ही घोषित होगा। फिलहाल, अन्य क्षेत्रों में प्रमुख नेताओं द्वारा साइकिल यात्राएं जारी है। साइकिल यात्रा के जरिये अखिलेश यादव अपने संसदीय क्षेत्र में लोकसभा चुनाव की तैयारी का शंखनाद भी करेंगे। भाजपा के संपर्क फार समर्थन अभियान का जवाब दिया जाएगा। भाजपा की विफलताओं और सपा की सफलता का प्रतीकात्मक प्रचार होगा। नोटबंदी, जीएसटी जैसे मुद्दों पर भाजपा को घेरेंगे और अपने किए विकास कार्यो को दर्शाएंगे। इसीलिए साइकिल यात्रा का समापन आगरा- लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर उस स्थान पर किया जाएगा, जहां सैनिक हवाई जहाज उतारे गए थे। हाईटेक वीडियो रथ से सपा शासन की उपलब्धियों का गुणगान होगा।
2012 जैसा वातावरण बनाने की तैयारी में सपा
समाजवादी पार्टी ने अखिलेश की यात्राओं से वर्ष 2012 जैसा माहौल बनाने कीे रणनीति तय की है। तब साइकिल यात्रा के जरिये ही राजनीतिक परिवर्तन की जमीन तैयार की थी। यात्राओं में मुख्य संगठन के अलावा फ्रंटल संगठनों खासतौर से युवाओं को लगाया जाएगा। राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी ने बताया कि भाजपा का संपर्क फार समर्थन अभियान केवल विशिष्ट लोगों तक सीमित रहा था। गांव-गरीब व जनसाधारण से उनका कोई वास्ता नहीं रहा। अखिलेश कानून व्यवस्था, गंगा स्वच्छता अभियान, मंहगाई, बेरोजगारी व मंहगी बिजली जैसे मुद्दों पर जनसामान्य से सीधा संवाद करेंगे।