
कन्नौज. देश की बेटियां सलामत रहें इसलिए आर्मी का सिपाही सरहद पर मुस्तैदी से डटा रहता है, लेकिन आज आर्मी का सूबेदार दो माह पूर्व अगवा की गई अपनी बेटी की बरामदगी और आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई के लिए परिवार सहित आला अधिकारियों की चौखट पर चक्कर काट रहा है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिसिया रवैये से आहत सूबेदार ने पत्नी व पुत्र के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को मामले से अवगत कराते हुए घटना की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है।
जबरन किया अपहरण
कन्नौज जिले के कस्बा सौरिख के सीएसबी. रोड निवासी शिवपाल सिंह आर्मी में सूबेदार के पद पर आसाम में तैनात है। सूबेदार शिवपाल सिंह की माने तो 25 मई 2018 को उसकी पुत्री अंकिता को घर के दरवाजे से जबरन गैर समुदाय के महीम मियां उर्फ अजमत पुत्र शमशाद अली निवासी कबीरपुर थाना सौरिख ट्रक संख्या यूपी 74 टी- 5183 जिसका चालक अशरफ खां पुत्र नवीशेर निवासी मोहल्ला कानून गोयान थाना छिबरामऊ, खलासी शानू उर्फ भूरा उर्फ चुहिया पुत्र जाबिर अहमद निवासी कस्बा व थाना तालग्राम उठाकर ले गए। मामले में उपरोक्त के अलावा महीम के कार का चालक नाम व पता अज्ञात के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल
पुलिस ने उपरोक्त को पकड़कर पूछताछ की तो उन्होंने घटना को अंजाम देना कबूल किया, लेकिन पुलिस ने चालानी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को जेल भेज दिया और पुत्री की तलाश के लिए प्रयास नहीं किया। जिस कारण आज तक उसकी पुत्री का कहीं अता पता नहीं चल सका है। अब पुलिस कार्रवाई से कतरा रही है। सूबेदार शिवपाल सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उपरोक्त महीम काफी शातिर किस्म का है।
सीबीआई जांच की मांग
जिसके तार विदेश तक से जुड़े हुए हैं और वह लड़कियों को अपहरण का विदेश भेजने का कार्य कर रहा है। इण्डियन आर्मी में सूबेदार पद पर तैनात पीड़ित पिता का कहना था कि 40 दिन से छुट्टी लेकर पुत्री की तलाश के लिए आला अधिकारियों की चौखट के चक्कर काट रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं की जा रही है। पीड़ित ने मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है।