
अखिलेश यादव फोटो सोर्स पत्रिका
Ayodhya Ram Mandir Row: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा और उसके सहयोगियों पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया मंच X पर साझा की गई एक लंबी पोस्ट में उन्होंने अयोध्या से जुड़े कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर आस्था के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के विश्वास से खिलवाड़ करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर भाजपा और उसके सहयोगियों को आस्था के साथ विश्वासघात" का दोषी बताया। अखिलेश यादव ने कहा कि देश की आस्थावान जनता का मानना है कि श्रद्धा और विश्वास के नाम पर गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दान-पात्रों से चढ़ावा और चंदे की चोरी, गुप्त दान में घोटाले, दानदाताओं को रसीद न देना या कथित रूप से फर्जी रसीदें जारी करने जैसी घटनाओं ने लोगों की भावनाओं को आहत किया है।
सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि अयोध्या में जमीन खरीद-फरोख्त के मामलों में कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया गया। उनके अनुसार, कथित तौर पर कम कीमत पर खरीदी गई जमीनों को बाद में कई गुना अधिक मूल्य पर मंदिर ट्रस्ट को बेचकर आर्थिक लाभ कमाया गया। इससे धार्मिक निधि को नुकसान पहुंचा। अपनी पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि अनियमितताओं पर सवाल उठाने वाले ईमानदार लोगों को हटाया गया। जांच प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। महत्वपूर्ण सबूतों को समाप्त करने का प्रयास किया गया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर सवाल उठ रहे हैं। उन्हीं के स्तर पर जांच कराए जाने से निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि कथित मामलों में अब तक किसी उच्च पदाधिकारी की जवाबदेही तय नहीं की गई है। उन्होंने इसे जनता की आस्था और लोकधन से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस मुद्दे को जनता और लोकतांत्रिक मंचों तक पहुंचाना आवश्यक है। अपने बयान के अंत में अखिलेश यादव ने भाजपा पर सीधा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि लोकधन और आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने नारा देते हुए कहा कि जो भाजपा का साथ दे रहा है। वह इस अन्याय का भी सहभागी है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर अयोध्या और राम मंदिर का मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है।
Updated on:
30 Jul 2026 07:30 pm
Published on:
30 Jul 2026 07:30 pm
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