कस्बे के तिर्वागंज स्थित सर्राफा वाली गली में सेठ मन्नी लाल के धर्मशाला में दीवार की खोदाई की जा रही थी। दीवार काफी मोटी थी, जिससे तीन से चार मजदूरों को लगाया गया था। खोदाई के दौरान दीवार में एक अलमारी दिखाई दी। मजदूरों ने अलमारी खोली तो उसमें सोने के 10 सिक्के निकले। मजदूर आपस में सिक्के बांट पाते उससे पहले ही कोतवाली प्रभारी आमोद कुमार सिंह को भनक लग गई। तुरंत ही मौके पर पहुंचे और मजदूरों से पूछताछ करने के बाद सभी सिक्के बरामद कर लिए। इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक को दी गई। पुलिस अधीक्षक किरीट राठौड़ ने सिक्कों को पड़ताल के लिए मंगवा लिया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि सिक्के पुरातत्व विभाग को सौंपे जाएंगे। इसकी पड़ताल होगी। उन्होंने बताया कि सिक्कों पर ब्रिटिश हुकुमत का जिक्र है और करीब 100 पूर्व होने के साक्ष्य मौजूद हैं।