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गंगा कटरी में पुलिस ने किया असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़
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गंगा कटरी में पुलिस ने किया असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़

पकडे गए आरोपी ने खड़े किए कई सवाल।  

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कन्नौज. सदर कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी अवैध असलहा फैक्ट्री पकड़ी है। जिसका खुलासा एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए किया। खुलासे के बाद पुलिस खरीदारों और सप्लायरों की तलाश में जुट गई है। पुलिस ने मौके से अवैध राइफलें और बंदूक के अलावा तमंचे और उन्हें बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। मौके से एक को गिरफ्तार किया गया है जबकि दो अंतरराज्यीय तस्कर पुलिस को चकमा देकर भाग निकले।

इस तरह पहुंची पुलिस

मीडिया से रूबरू होते हुए एसपी किरीट राठौर ने बताया कि सदर कोतवाल अजय कुमार सिंह और चौकी इंचार्ज अमर बहादुर को मुखबिर से सूचना मिली की गंगा और काली नदी के बीच कटरी में बसे गांव सढिय़ापुर क्षेत्र में एक बड़ी अवैध असलहा फैक्ट्री चल रही है। जिसके बाद कोतवाल ने स्वाट टीम प्रभारी पप्पू सिंह ठेनुआ की टीम के साथ मिलकर दबिश मारी। लल्लन मिश्रा के बाग में बनी एक झोपड़ी को चारों ओर से घेर कर पुलिस ने अवैध असलहा बना रहे श्रीपाल उर्फ गुड्डू उर्फ मलिक शर्मा पुत्र राम चरन निवासी जरौली नवादा हरदोई को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस टीम को चकमा देकर अंतरराज्यीय असलहा तस्कर सगे भाई वीरभान और रतिभान निवासी गोनीपुरवा अरवल हरदोई भाग निकले। एसपी ने सदर कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम को 10-10 हजार रुपये से पुरस्कृत किया है।

अंतरराज्यीय स्तर पर होती थी तस्करी

एसपी ने बताया कि पकड़ा गया युवक श्रीपाल उर्फ गुड्डू उर्फ मलिक शर्मा 1985 से अवैध असलहों का कारोबार करता आ रहा है। मौके से पुलिस ने दो राइफलें, बंदूक, एक बना हुआ और चार अधबने तमंचों के साथ असलहा बनाने के उपकरण और चार कारतूस के खोखे बरामद किए। इनसे असलहों की टेस्टिंग कर बिक्री की जाती थी। श्रीपाल अवैध असलहा बनाने में माहिर है। उस पर हरदोई जनपद के थानों में आम्र्स एक्ट के तहत 10 मुकदमे दर्ज हैं। फरार हुए तस्कर श्रीपाल से असलहा खरीदकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत पंजाब तक बिक्री करते हैं।

नावों का लेते थे सहारा

जिले में मिनी चंबल के नाम से मशहूर गंगा और काली नदी का कटरी का इलाका करीब 35 किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। कभी बदमाशों की शरणस्थली रही कटरी में आज भी अपराध कायम है। यहां के कई गांवों में बड़े पैमाने पर असलहे बनाने और इनकी खरीद-फरोख्त का धंधा चलता है। पुलिस ने जाँच में पाया कि कई जिलों में इनके डीलर हैं। अधिकांश डीलर हरदोई के रहने वाले हैं। यह लोग सब्जी बेचने और खेतीबाड़ी करने के लिए नावों से गंगा पार आते-जाते हैं। नावों में ही असलहा रखकर गैर जनपदों तक खेप पहुंचती है।

आरोपी ने खड़े किये पुलिस पर सवाल

इस मामले में पकड़े गए आरोपी की माने तो उसने 10 वर्ष पहले यह धंधा छोड़ दिया था, पुलिस जबरन उसे फंसा रही है। उसके कब्जे से कोई असलहा बरामद नहीं किया गया और न ही उसका इससे कोई लेना देना है। घर में सोते समय पहुंची पुलिस उसे उठाकर ले आई है। अब सवाल यह उठता है कि यदि वह इस धंधे को करता रहा तो पिछले 14 सालों में एक भी बार वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा, जिस कारण उसके खिलाफ 14 साल से कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। उसका कहना था कि 10 साल से अधिक समय से वह इस काम को पूरी तरह बन्द कर मेहनत मजदूरी कर अपना गुजारा कर रहा है। पुलिस उसे फर्जी तरीके से फंसा रही है। पुलिस द्वारा बरामद किए गए असलहों के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। उसका कहना है कि घर में सोते समय पुलिस उसे उठाकर ले आई और फर्जी आरोप लगाकर फंसा रही है।