
कन्नौज. जिले में जीटी रोड पर उस समय चीख पुकार मच गयी जब एक रोडवेज बस, डीसीएम और टेम्पो के आपस में टकराने से वहां की धरती लाल हो गयी। जिला उन्नाव का एक परिवार रिश्तेदार की शादी की खुशी में शिरकत करने जा रहा था। इसी बीच हादसे का शिकार हुआ तो कन्नौज से उन्नाव तक कोहराम मच गया। शादी वाले घर में गम पसर गया। हादसे में चार लोगों की मौत के अलावा टेम्पो में सवार एक दर्जन से अधिक लोग भी घायल हो गए।
जरा भी नहीं था गुमान कि अनहोनी सामने है
कन्नौज जिले की सदर कोतवाली क्षेत्र में हुई हृदय विदारक सड़क दुर्घटना में उन्नाव जिले के थाना अचलगंज क्षेत्र के गांव पकरा निवासी संत लाल अपने पूरे परिवार के साथ हंसी-खुशी अपने रिश्तेदार की शादी में शिरकत करने जा रहा था। रास्ते में सभी लोग शादी पर चर्चा कर रहे थे लेकिन उन्हें जरा भी गुमान नहीं था कि रास्ते में अनहोनी होनी है। डीसीएम जैसे ही गोवर्धनी के करीब पहुंची के दिल्ली से आ रही कन्नौज डिपो की बस ने टक्कर मार दी। डीसीएम के ठीक पीछे एक टेम्पो भी चल रही थी। बस ने डीसीएम के बाद उसमें भी टक्कर मार दी। ठीक उसी दौरान बस के पीछे आ रही एक बाइक भी इस टक्कर का शिकार हो गई। उस पर बैठा युवक भी चोटिल हो गया।
चारों तरफ मची अफरा तफरी
जबकि डीसीएम सवार छह लोगों में से मां बेटी और बेटे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया तो रिश्तेदार एक महिला ने इलाज के दौरान जिला अस्पताल में अंतिम सांस ली। भिड़न्त होते ही घटनास्थल पर अफरा तफरी मच गई। मुसाफिरों की चीख पुकार गूंजने लगी। घटनास्थल पर पहुंचे आसपास के लोगों ने डीसीएम और टेम्पो में फसे लोगों को कड़ी मेहनत कर बाहर निकाला। घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। उधर घटना की सूचना पर पहुंचे पुलिस ने मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया।
यह लोग हुए दुर्घटना के शिकार
दुर्घटना में मालती देवी पत्नी संतलाल उनका 6 वर्षीय पुत्र विनय , पुत्री लाली निवासी पकरा अचलगंज, उन्नाव व जगदेवी पत्नी जगतपाल निवासी रनागढ़ी, उन्नाव की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि सन्तलाल पुत्र बुद्धीलाल, प्रमोद पुत्र खुशीराम, सोनी गौतम पुत्री प्रदीप कुमार , शिवराम पुत्र गयादीन, भानूप्रकाश त्रिवेदी, प्रदीप कुमार पुत्र रामौतार, भानू प्रताप पुत्र जितेन्द्र सिंह, रिंकू पुत्र प्रमोद , निर्मला गम्भीर रूप से घायल हो गए। ।
हर किसी की आंखें हुयी नम
संतराम हंसी-खुशी अपनी पत्नी मालती और बच्चों विनय और दीपिका के साथ शादी में जा रहा था। लेकिन एक झटके में पत्नी और दोनों बच्चे काल के गाल में समा गए। अपने सामने ही अपने परिवार को मौत के मुंह में समाता देखकर संतलाल बदहवास हो गया। इस हादसे में उसकी चाची ज्ञानवती की भी जाल चली गई। साथ में चाचा जगतपाल भी थे, उनकी आंखों के सामने ही उनकी पत्नी ज्ञानवती की जान चली गई। चाचा-भतीजा की बदहवासी देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
फिर भी महिला की नहीं बच सकी जान
कन्नौज के गोवर्धनी तिराहा के पास हुए हादसे में शिकार हुए घायल जैसे ही इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। किसी को स्टे्रचर मिला तो कोई घसीट कर ही बाहर से इमरजेन्सी कक्ष तक पहुंचा गया। आनन-फानन में डॉक्टरों की टीमों के साथ स्वास्थ्य कर्मी घायलों का इलाज करने में जुट गए, लेकिन फिर भी अस्पताल पहुंचने के बाद भी एक महिला की जान नहीं बच सकी।
शुक्र रहा कि उस समय ट्रेन नहीं आई
जिस जगह डीसीएम और रोडवेज बस की भिड़न्त हुई वहां से चन्द कदम दूरी से रेलवे लाइन निकली है। घटनास्थल मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे के बाद कुछ लोग रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गए थे, अगर उन लोगों को समय न हटाया जाता तो कई लोग पटरी के गुजरने वाली टे्रन का भी शिकार हो जाते।