Lucknow-Agra Expressway Traffic police with speed guns आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात पुलिस स्पीड लेजर गन का उपयोग कर रही है जिसके माध्यम से हुआ ओवर स्पीड चलने वाले वाहनों का चालान कर रही है। स्पीड लेजर गन में वाहन के संबंध में पूरी जानकारी आ जाती है।
Lucknow-Agra Expressway Traffic police with speed guns लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे पर अब ओवर स्पीड चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस ने स्पीड लेजर गन के माध्यम से वाहनों के स्पीड का निरीक्षण कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। यातायात पुलिस की कार्रवाई से वाहन चालकों में हलचल है। चर्चाओं का दौर जारी है। सोशल मीडिया पर यातायात पुलिस के इस कदम पर भी प्रतिक्रिया आ रही है। यातायात पुलिस ने डबल डेकर बस सहित 22 वाहनों का ओवर स्पीड में चालान किया है। एक्सप्रेसवे पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। जिससे जान माल को काफी नुकसान हो रहा है। यातायात पुलिस का यह कदम दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक सिद्ध होगा।
Lucknow-Agra Expressway Traffic police with speed guns इस संबंध में यातायात पुलिस ने बताया कि लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड लिमिट है। लेकिन तमाम चालक 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड की लिमिट को पार करते हुए बहुत अधिक गति में वाहन चलते हैं। ऐसे वाहनों के संबंध में लेजर गन जानकारी देती है कि वाहन कितनी स्पीड में चल रहा है?
Lucknow-Agra Expressway Traffic police with speed guns यातायात पुलिस के जानकारी देते समय एक कार ओवर स्पीड में निकली। जिसकी गति 104 किलोमीटर प्रति घंटे थी। लेजर गन मशीन में कार का नंबर और उसके विषय में पूरी जानकारी आ गई थी। जिसका ऑनलाइन चालान किया गया। ओवर स्पीड में हल्के वाहनों का 2 हजार रुपए और भारी वाहनों का 4 हजार रुपए का जुर्माना है। आज हाईवे पर स्पीड गन लेकर उतरी यातायात पुलिस ने तीन डबल डेकर बसों समेत 22 वाहनों का चालान किया।
Lucknow-Agra Expressway Traffic police with speed guns यातायात पुलिस की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया आ रही है। से शौर्य का कहना है कि हर ड्राइवर को पता है कि कैमरा कहां लगा हुआ है। वहां पहुंचते ही वाहन को स्लो कर लेता है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि कुछ ऐसा सिस्टम करें कि एक टोल से दूसरे टोल तक पहुंचने के समय के हिसाब से गाड़ी का चालान किया जाए। राजन सिंह का एक्स पर लिखा कि चालान हर समस्या का समाधान नहीं है। एक्सपर्ट के साथ चिंतन और मंथन करके बेहतर समाधान खोजना चाहिए।