कन्नौज

उड़ीसा की लड़की से लड़का करने जा रहा था शादी, तभी हुआ कुछ ऐसा कि…

इन हालातों से करना पड़ेगा सामना, लड़की ने ऐसा सोचा भी न था...

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Jun 03, 2018
Odisha Girl Bal vivah in Kannauj UP hindi news
उड़ीसा की लड़की से लड़का करने जा रहा था शादी, तभी हुआ कुछ ऐसा कि...

कन्नौज. उड़ीसा से लाई गई एक चौदह वर्षीय बालिका, बालिका बधू बनने से उस समय बच गई जब बाल कल्याण समिति और आशा ज्योति केंद्र की टीम ने ऐनवक्त पर उसकी शादी रुकवाकर उसको बचा लिया। किशोरी को उड़ीसा से लाया गया था, और कन्नौज के एक मोहल्ले में उसकी चुपचाप शादी कराई जा रही थी। वहीं लड़के पक्ष के परिजन दबी जुबान में शादी की बात से एतराज करते नजर आये। लेकिन लम्बी पूछताछ के बाद कही न कहीं यह बात साफ हो गई कि उसको शादी के इरादे से यहां लाया गया था। वहीं आशा ज्योति केंद्र के सदस्य सभी बिन्दुओं पर जांच की बात कह रही है। किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है, उसके बाद बाल न्यायालय में पेश किया जाएगा।

जांच-पड़ताल से बात आई सामने

कन्नौज के जिला बाल संरक्षण अधिकारी विजय राठौर को सूचना मिली कि दीदारगंज में युवक कृष्ण यादव के साथ किशोरी की जबरन शादी हो रही है। इस पर राठौर आशा ज्योति केंद्र की टीम को लेकर मौके पर पहुंच गए। यहां शादी रुकवा परिजन से जांच-पड़ताल की। किशोरी की दादी ने बताया कि वह उड़ीसा के जिला बालेश्वर अंतर्गत खोंडार की रहने वाली हैं। किशोरी (उम्र लगभग 14 साल) की मां की बचपन में मौत हो गई थी। पिता दूसरी शादी कर कहीं और रहने लगा।

बाल कल्याण समिति भेजी गई किशोरी

मछली पकड़कर या फिर भीख मांग कर किशोरी को पाल पोस कर बड़ा किया। दादी ने बताया कि कृष्ण यादव के घर पर आना-जाना था तो शादी तय कर दी। टीम की पड़ताल में किशोरी व उसकी दादी ने जबरन शादी की बात को गलत बताया। टीम ने किशोरी को बाल कल्याण समिति में भेज दिया। युवक को जबरन किशोरी के साथ शादी करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। सदर कोतवाली निरीक्षक एके सिंह ने बताया कि आशा ज्योति केंद्र की टीम ने कार्रवाई की है।

मेडिकल परीक्षण का सहारा

जांच टीम ने बताया कि किशोरी की उम्र देखने में 14 साल लग रही है। मेडिकल परीक्षण में हकीकत सामने आ जाएगी। युवक की उम्र आधार कार्ड के हिसाब से 20 साल की है जबकि कानूनी तौर पर शादी के लिए उम्र 21 साल होनी चाहिए। इसलिए युवक पर भी कार्रवाई होगी।

मिला गोल-मोल जवाब

स्थानीय लोगों में चर्चा है कि किशोरी गरीब तबके की है। संभवत: उसे खरीद कर लाया गया है। टीम को आशंका है कि खुद को किशोरी की दादी बता रही महिला गोल-मोल जवाब दे रही है। उसने बताया कि वह पांच दिन पहले वर पक्ष के घर आ गई थी। उड़ीसा की भाषा में बातचीत करने से सच्चाई पता नहीं चल सकी है। उड़ीसा के अफसरों से संपर्क कर हकीकत पता लगाई जा रही है।

Published on:
03 Jun 2018 11:57 am