एक ऐसा दरिंदा… जिसे मासूम बच्चों की चीख सुनकर सुकून मिलता था। जो पहले बच्चियों के साथ रेप करता और फिर उनके चेहरे इस तरह ईंटों से कुचल देता कि पहचान तक मिट जाए। आइए आपको बताते हैं कन्नौज के इस साइको किलर के बारे में, जिसे बच्चों को तड़पाकर मारने में मजा आता था।
23 अक्टूबर 2022, पूरे देश में दिवाली की रौनक थी। कन्नौज के एक गांव में 12 साल की मासूम अपने घर में मम्मी के साथ त्योहार की तैयारी कर रही थी। पापा की बाजार में खाने के सामान की दुकान थी। मां ने बेटी को टिफिन देकर पापा के पास भेजा दिया। पापा को खाना देने के बाद बच्ची ने अपने लिए दो गुल्लक खरीदे।
घर लौटने पर देखा कि एक गुल्लक टूटी हुई है। इस पर वह उसे बदलने के लिए दोबारा दुकान के लिए निकल गई। रास्ते में उसे फल बेचने वाला रामजी वर्मा मिला। उसने बच्ची से कहा कि गुल्लक वाला उसका जानकार है। वह उसे अच्छी गुल्लक दिला देगा। इस पर बच्ची उसके पीछे-पीछे चल दी।
रामजी बच्ची को बहलाते हुए गांव के बाहर एक सुनसान इलाके में ले गया। जब बच्ची ने पूछा कि दुकान कहां है, तो उसने झाड़ियों की तरफ इशारा कर दिया। जैसे ही बच्ची वहां पहुंची रामजी ने बच्ची को जमीन पर पटक दिया और दरिंदगी की कोशिश की।
मासूम बच्ची ने खुद को बचाने के लिए संघर्ष किया और चिल्लाई तो रामजी ने पास पड़ी एक भारी ईंट उठाई और पूरी ताकत से बच्ची के मुंह पर मार दिया। बच्ची लहूलुहान होकर गिर पड़ी, लेकिन हैवान तब भी नहीं रुका। उसने पत्थर से उसके सिर पर वार किए और उसका मुंह ईंट से कूंच दिया। उसे लगा कि बच्ची मर गई है तो वह फरार हो गया।
पुलिस के पास कोई ठोस सबूत नहीं था, जब बच्ची की आंख खुली, तो वह अस्पताल में थी। कोर्ट में उसने उस खौफनाक रात का एक-एक मंजर जज के सामने बयान कर दिया। बच्ची ने कोर्ट में कातिल का हुलिया बताया- काली जींस, सफेद टी-शर्ट और सफेद जूते। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो रामजी वर्मा ठीक उसी कपड़ों में बच्ची के साथ जाता हुआ दिखाई दिया। यही वो सबसे बड़ा सबूत था जिसने पुलिस को इस साइको किलर तक पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने उस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया। इनपुट के आधार पर 22 जून 2023 को पुलिस ने मुठभेड़ में रामजी वर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में पता चला कि रामजी वर्मा कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि एक पेशेवर साइको किलर है। साल 2018 में महज 16 साल की उम्र में उसने पहला फर्रुखाबाद में रेप और हत्या की घटना को अंजाम दिया था। उसके बाद 10 दिन के अंदर दूसरी घटना को कन्नौज में अंजाम दिया था। वो तीसरी बार फिर से एक बच्ची का रेप करके उसको मारना चाह रहा था। मगर तब ग्रामीणों ने उसको पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया था।
तब साइको किलर नाबालिग था इसलिए उसको फर्रुखाबाद की जुवेनाइल जेल में रखा गया। उसके बाद बालिग होने पर उसे जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। वहीं साल 2022 में वो जमानत पर बाहर आ गया। बाहर आते ही उसने फिर से एक बच्ची के साथ हैवानियत करने की कोशिश की।
इस हैवान को पकड़ने के लिए पुलिस ने 5 साल तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। डॉक्टर ने कोर्ट में बताया कि जब बच्ची अस्पताल लाई गई तो उसकी हालत बेहद गंभीर थी। पूरे शरीर पर गहरे घाव थे। सिर के पीछे की हड्डी टूटी हुई थी। चेहरा इतना जख्मी था कि पहचान पाना मुश्किल हो रहा था। शरीर पर जगह-जगह खरोंच और चोट के निशान थे। उसके प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान थे, सीने पर भी गहरी चोट थी।
डॉक्टर ने बताया कि बच्ची के शरीर और नाखूनों में कुछ बाल मिले थे। जब इन बालों की जांच कराई गई, तो वो सीधे आरोपी रामजी वर्मा से मेल खा गए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्ची के शरीर पर जो चोटें थीं, वे सिर्फ हमले की नहीं थीं… बल्कि यह साफ दिख रहा था कि आरोपी ने उस पर बेहद क्रूरता से हमला किया, जैसे वह उस पर गुस्सा निकाल रहा हो। सरकारी वकील ने कुछ और सबूत पेश किए। CCTV फुटेज और पुराने अपराधों की रिपोर्ट पेश की गई। 15 दिसंबर 2023 को अदालत ने आखिरकार रामजी वर्मा कोर्ट ने दोषी करार दिया और पॉक्सो एक्ट के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।