Former BJP MP Subrata Pathak big statement on Akhilesh Yadav: कन्नौज में पूर्व भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने अखिलेश यादव के 'पीडीए' और 'लाल टोपी' पहनने पर बयान दिया है। इसके साथ ही 2012 में 65 मुसलमान विधायकों की भी चर्चा की।
Former BJP MP Subrata Pathak attacks Akhilesh Yadav's red cap: कन्नौज के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा इसलिए लाल टोपी पहने रहते हैं कि कहीं कोई जालीदार टोपी ना पहना दे। लेकिन जब उन्हें राजपूताना पगड़ी पहनी होती है तो लाल टोपी भी उतार देते हैं। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट वितरण पर भी सवाल उठाया। बोले एक समय था जब 65 मुस्लिम विधायक हुआ करते थे। लेकिन आज 65 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दे दें तो बहुत बड़ी बात है। उन्होंने इसे अखिलेश यादव में बदलाव बताया।
उत्तर प्रदेश के कन्नौज के पूर्व भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने 'पीडीए' की नई परिभाषा दी है। बोले इसमें मुसलमान कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में रहने वाले सभी अगड़े, पिछड़े, दलित, अनुसूचित जाति और जनजाति जो भारत में जन्मे हैं और भारत में माने जाने वाले धर्म का पालन करते हैं, इनमें बौद्ध, सिख और जैन सब सनातन हिंदू हैं। यदि अखिलेश यादव के पीडीए में मुसलमान होता तो 'पीडीए' की जगह 'पीडीएम' होता।
अखिलेश यादव के पीडीए में पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक में पिछड़ा दलित के साथ अल्पसंख्यकों में जैन और बौद्ध हो गए। मुसलमान अल्पसंख्यक में नहीं आते हैं क्योंकि उनकी संख्या बहुत अधिक हो गई है। कई क्षेत्रों में मुसलमान बहुसंख्यक हो गया है। जिसको हम हिंदू कहते हैं उनको अखिलेश यादव पीडीए कह रहे हैं।
पूर्व सांसद ने कहा कि गोल जालीदार टोपी न पहनना पड़े इसलिए अखिलेश यादव कभी भी लाल टोपी नहीं उतारते हैं। लेकिन जब राजपूताना पगड़ी बांधनी होती है तो लाल टोपी उतर जाती है। यही बदलाव अखिलेश यादव में आया है। उन्होंने कहा कि 2012 में समाजवादी पार्टी से 65 मुसलमान विधायक जीते थे। आज 65 नेताओं को टिकट मिल जाए बहुत बड़ी बात है।
2019 के लोकसभा चुनाव में सुब्रत पाठक ने पहली बार सांसद बने थे। जब उन्होंने डिंपल यादव को हराया था। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने सुब्रत पाठक को हराकर कन्नौज सीट पर कब्जा किया था।