कानपुर

1984 सिख दंगा: पूर्व मंत्री के भतीजे पर एसआईटी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में, जानें पूरा मामला

सिख विरोधी दंगे में फरार चल रहे पूर्व मंत्री के भतीजे के खिलाफ अब इस आईटी कड़ी कार्रवाई करने जा रही है उसके ऊपर ₹50000 का इनाम रखने जा रही है पूर्व मंत्री के भतीजे पर आरोप है कि उसने 1984 के दौरान भीड़ लाने का काम किया था। जिसके बाद बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी और इस घटना में कई लोगों की मौत भी हो गई।

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Aug 04, 2022
1984 सिख दंगा: पूर्व मंत्री के भतीजे पर एसआईटी बड़ी कार्रवाई की तैयारी में, जानें पूरा मामला

सिख विरोधी दंगे की जांच कर रही एसआईटी द्वारा रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं। जिनके खिलाफ एसआईटी की जांच में पूर्व मंत्री का भतीजा भी आरोपी है। जिसे गिरफ्तार करने में एसआईटी में सफल नहीं हो रही है। अब उसके ऊपर इनाम घोषित करने की कार्रवाई हो रही है। एसआईटी डीआईजी ने जानकारी देते हुए बताया कि फरार चल रहे पूर्व मंत्री के भतीजे ने जमानत की अर्जी लगाई है। जिस पर आगामी शुक्रवार को सुनवाई होनी है। इधर एसआईटी फरार आरोपी के खिलाफ ₹50 हजार का इनाम घोषित करने की तैयारी कर रही है।

एसआईटी डीआईजी बालेंदु भूषण ने बताया है कि पूर्व राज्य मंत्री शिवनाथ सिंह कुशवाहा का भतीजा राघवेंद्र सिंह फरार चल रहा है। जिसके ऊपर सिख विरोधी दंगे के दौरान भीड़ लाने का आरोप है। जानकारी मिली की 31 दिसंबर 1984 के दिन इंदिरा गांधी की हत्या के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। 1 नवंबर 1984 को पूर्व राज्य मंत्री शिवनाथ सिंह कुशवाहा का भतीजा राघवेंद्र कुशवाहा घाटमपुर से बसों के माध्यम से लोगों को लाया था। जिन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से निराला नगर के गुरुदयाल सिंह के मकान पर हमला बोला था।

50 हजार रुपए का ही नाम होगा घोषित

एसआईटी की जांच में निकल कर सामने आया कि दंगाइयों ने 3 मंजिला इमारत में आग लगा दी। हमलावर भीड़ द्वारा मकान में जमकर उपद्रव किया किया गया। कई लोगों को ऊपर से नीचे फेंक दिया। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बिल्डिंग में आग लगने के कारण सिलेंडर भी फट गया था। इस घटना में एक दंगाई भी मारा गया था। एसआईटी डीआईजी ने बताया कि फरार चल रहा पूर्व मंत्री के भतीजे पर ₹50 हजार का इनाम घोषित करने की तैयारी चल रही है।

Published on:
04 Aug 2022 11:42 pm
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