पांडू नगर ईएसआई हॉस्पिटल अब मॉडल हॉस्पिटल की तर्ज पर बनेगा. मेडिकल कॉलेज, सुपरस्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के बाद एक नया लॉलीपॉप लोगों को दिया गया है. करोड़ों रुपये बर्बाद होने के बाद एक बाद भी यह मॉडल हॉस्पिटल कब तैयार होगा इसकी भी कोई डेडलाइन नहीं तय की गई है.
कानपुर। पांडू नगर ईएसआई हॉस्पिटल अब मॉडल हॉस्पिटल की तर्ज पर बनेगा. मेडिकल कॉलेज, सुपरस्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के बाद एक नया लॉलीपॉप लोगों को दिया गया है. करोड़ों रुपये बर्बाद होने के बाद एक बाद भी यह मॉडल हॉस्पिटल कब तैयार होगा इसकी भी कोई डेडलाइन नहीं तय की गई है. इसके साथ ही निर्माण कर्ता एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी अलग से की जा रही है. पांडूनगर के ईएसआई हॉस्पिटल को नोएडा के मॉडल हॉस्प्टिल की तर्ज पर डेवलप करने की योजना बनी है. निर्माणाधीन ब्लॉकों के जरिए अस्पताल में भर्ती मरीजों की क्षमता को बढ़ाया जाएगा.
2009 से चल रहा है काम
ईएसआई हॉस्पिटल में निर्माण कार्य 2009 से ही चल रहा है. पहले इसमें दो ब्लॉकों का निर्माण हुआ था. उस वक्त यहां पर मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज और पैरामेडिकल कॉलेज प्रस्तावित था,लेकिन फिर 300 बेड के सुपरस्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के निर्माण की घोषणा कर दी गई.
80 करोड़ के उपकरणों पर पड़ी जंग
ईएसआईसी के इस हॉस्पिटल के निर्माण में खूब धांधली हुई. निर्माणकर्ता एजेंसी ने निर्माण शुरू होने से पहले ही 80 करोड़ की लागत से इलेक्ट्रिकल उपकरणों को खरीद डाला. इसमें 65 से 125 केवीए के 12 जेनरेटर सेट, 125 केवीए के 5 पॉवर ट्रांसफार्मर और एसी चिलर प्लांट भी शामिल था,लेकिन सालों तक यह सभी उपकरण खुले में रखे रहे जिसमें से अब ज्यादातर खराब हो चुके हैं. करोड़ों रुपए की इस बर्बादी पर ईएसआईसी महानिदेशालय की ओर से कंस्ट्रक्शन एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की संतुति भी की है.
2016 में हुआ था शिलान्यास
ईएसआई के मेडिकल कॉलेज न बन पाने के बाद 6 अक्टूबर 2016 को केंद्रीय श्रम मंत्री बंगारू दत्तात्रेय ने 361 करोड़ की लागत से 300 बेडेड सुपरस्पेशिएलिटी हॉस्पिटल का शिलान्यास किया था, इस साल की शुरुआत तक निर्माण पूरा करने का दावा ईएसआई बोर्ड व कंस्ट्रक्शन एजेंसी करती रही,लेकिन अब इसका निर्माण बंद हो गया है. पांडूनगर के ईएसआई हॉस्पिटल को नोएडा के मॉडल हॉस्प्टिल की तर्ज पर डेवलप करने की योजना बनी है. निर्माणाधीन ब्लॉकों के जरिए अस्पताल में भर्ती मरीजों की क्षमता को बढ़ाया जाएगा.