
कानपुर. आखिरकार सपा के सुल्तान अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव के लिए महागठबंधन को लेकर स्थिति को स्पष्ट कर दिया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ऐलान किया है कि लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा और रालोद मिलकर चुनाव लड़ेंगे। महागठबंधन के कुनबे में कुछ छोटे राजनीतिक दल भी होंगे। अलबत्ता सपा अध्यक्ष ने महागठबंधन में कांग्रेस की स्थिति को लेकर सस्पेंस कायम रखा है। उन्होंने सिर्फ यह कहा है कि कांग्रेस से दोस्ती है, वह जारी रखेंगे। महागठबंधन के साथियों के नाम पर सपा के साथ सिर्फ बसपा और रालोद का नाम लिया है। उधर, महागठबंधन की स्थिति स्पष्ट होते ही कानपुर में सपा की इकाई ने नए सिरे से चुनावी तैयारियों को परखना शुरू कर दिया है। सपा के फोकस अब कानपुर नगर सीट पर होगा, जबकि बसपा के कार्यकर्ता अकबरपुर सीट के लिए जोर-आजमाइश करेंगे।
योगी सरकार को फ्लॉप बताया, विकल्प देने का वादा
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाया है। अखिलेश ने कहा कि सरकार ने लोगों को निराश किया, इसलिए जनता बदलाव चाहती है। अखिलेश ने कहा कि लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा तथा रालोद मिलकर चुनाव लड़ेंगे। लोकतंत्र में सभी चाहते हैं कि गठबंधन बनना चाहिए। गठबंधन में कांग्रेस के शामिल होने के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने सिर्फ यह कहाकि कांग्रेस से दोस्ती है उसे भी छोड़ेंगे नहीं। सीट बंटवारे के मुद्दे पर बसपा की जिद के संदर्भ में सपा के सुल्तान ने कहाकि उत्तर प्रदेश में काफी सीटें हैं इसलिए सीट बंटवारे में सभी संतुष्ट रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहाकि जिस सीट पर जो जीतने की स्थिति में होगा, उसी के खाते में वह सीट जाएगी। उन्होंने कहाकि गठबंधन से तकलीफ सिर्फ भाजपा को है। गठबंधन को बहुमत मिलने पर प्रधानमंत्री पद तय करने में उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका होगी। अखिलेश ने कहा कि 2019 में लड़ाई भाजपा को हराने की है, प्रधानमंत्री की कुर्सी के लिए नहीं।
नगर सीट पर सपा या कांग्रेस और अकबरपुर से बसपा
सपा की नगर इकाई के अध्यक्ष मो. मुईन के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष के फार्मूले के अनुसार कानपुर की अकबरपुर लोकसभा सीट से बसपा का उम्मीदवार मैदान में उतरेगा। इस सीट से बसपा दो मर्तबा चुनाव जीत चुकी है। फिलहाल इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। भाजपा के धुरंधर क्षेत्रीय नेता देवेंद्र सिंह भोले यहां से सांसद हैं। इसी प्रकार कानपुर नगर सीट पर सपा या कांग्रेस का प्रत्याशी उतरेगा। महागठबंधन में कांग्रेस के शामिल होने की स्थिति में यह सीट कांग्रेस के खाते में जाएगी। कांग्रेस गठबंधन का हिस्सा नहीं बनती है तो नगर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होगा। कानपुर नगर सीट से भाजपा के कैप्टन जगतवीर सिंह द्रोण तीन मर्तबा सांसद रहे थे, बाद में तीन कार्यकाल के लिए कांग्रेस के श्रीप्रकाश जायसवाल निर्वाचित हुए। फिलहाल कानपुर नगर सीट से भाजपा के कद्दावर नेता मुरली मनोहर जोशी सांसद हैं।