Akhilesh Yadav statement:कानपुर देहात में अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और कमजोर विदेश नीति पर सवाल उठाए। किसानों के नुकसान का मुआवजा देने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
कानपुर देहात। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने बुधवार शाम को कानपुर देहात के अकबरपुर क्षेत्र के बारा गांव में एक निजी विवाह समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र और प्रदेश की Bharatiya Janata Party सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि Election Commission of India निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है और वह भाजपा के इशारे पर कार्य कर रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि पंचायत चुनाव कराने को लेकर सरकार में हिचकिचाहट साफ दिखाई दे रही है। उनका आरोप था कि निर्वाचन आयोग का दायित्व मतदाता सूची को बढ़ाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का है, लेकिन वर्तमान में मतदाता सूची से नाम काटने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार विधानसभा चुनाव कराना चाहती है तो समाजवादी पार्टी इसके लिए पूरी तरह तैयार है।
अखिलेश यादव ने कहा कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान है। रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों में वृद्धि और वजन में कमी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आवश्यक वस्तुओं में भी गड़बड़ी हो रही है। खाद की बोरियों और गैस सिलिंडर में चोरी जैसी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं, जो भ्रष्टाचार के बढ़ते स्तर को दर्शाती हैं। विदेश नीति को लेकर भी सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत के पास विश्व गुरु बनने का अवसर था, लेकिन मौजूदा नीतियों के कारण देश उस दिशा में आगे नहीं बढ़ पाया। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य देश अपने संबंध मजबूत कर रहे हैं, जबकि भारत की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर नजर आ रही है। उनका कहना था कि यदि भारत वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित कराने में प्रभावी भूमिका निभाता तो उसकी छवि और मजबूत होती।
अखिलेश यादव ने कहा कि बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है और सरकार को इसका शत-प्रतिशत मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अस्पतालों में बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। धार्मिक और सामाजिक मुद्दों का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पूजनीय शंकराचार्य के कथनों के बाद समाज के बुद्धिजीवी वर्ग में जागरूकता बढ़ी है और लोग सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में निष्पक्ष और पारदर्शी माहौल की आवश्यकता है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिल सके।
इस दौरान पूर्व सांसद राजाराम पाल, सपा जिलाध्यक्ष अरुण यादव, शेखू खान, हारुन कुरैशी, प्रमोद यादव और वीरसेन यादव सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।