शहर में एक बड़ी समस्‍या खड़ी हो रही है. सुनने में आया है कि यहां के ब्‍लड बैंक में खून लगभग खत्‍म हो चुका है. ऐसे में थैलेसीमिया और ब्लड कैंसर के मरीजों के साथ ऑपरेशन कराने वाले मरीजों पर ये कमी आफत बनकर टूट रही है.
कानपुर। शहर में एक बड़ी समस्या खड़ी हो रही है. सुनने में आया है कि यहां के ब्लड बैंक में खून लगभग खत्म हो चुका है. ऐसे में थैलेसीमिया और ब्लड कैंसर के मरीजों के साथ ऑपरेशन कराने वाले मरीजों पर ये कमी आफत बनकर टूट रही है. ज़रा सोचिए कि क्या होता होगा उसके साथ जिसको तुरंत पड़ रही होगी खून की जरूरत. ऐसे में किसी दूसरे शहर से खून मैनेज करने में कभी काफ़ी देर भी लग सकती है और ज्यादा देर होने पर कुछ भी अनचाहा हो सकता है.
खबर मिली है कुछ ऐसी
जी हां, खबर कुछ ऐसी ही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के सबसे बड़े ब्लड बैंक में अचानक खून का संकट आन पड़ा है. इतना ही नहीं, यहां पहली बार यह संकट पॉजिटिव ग्रुप के ब्लड के साथ ज्यादा है. हालत तो ये भी है कि निगेटिव पॉजिटिव ग्रुपों को मिलाकर यहां कुल 30 यूनिट ब्लड की बचा है. ऐसे में अगर किसी को इस ग्रुप के खून की तुरंत जरूरत पड़ जाए तो सोचिए कि क्या हो.
सिर्फ इतना बचा है खून
मरीजों को दिए जाने वाले पॉजिटिव ग्रुप के पैक सेल मात्र 18 यूनिट बचे हैं, जबकि रोज की ब्लड की मांग ही 50 यूनिट से ज्यादा है. इस स्थिति में सबसे ज्यादा समस्या थैलीसीमिया, ब्लड कैंसर व गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए है जिन्हें समय-समय पर ब्लड की जरूरत पड़ती रहती है.
दी जा रही है हिदायत
ब्लड बैंक की ओर से जारी एडवाइजरी में उन्हें भी डोनर लाने की हिदायत दी जा रही है. यह संकट कितने दिन रहेगा यह भी अभी साफ नहीं है. ब्लड बैंक प्रशासन की ओर से किल्लत को दूर करने के लिए कई ब्लड डोनेशन कैंप लगाने की बात जरूर की जा रही है. ऐसे कैंप की मदद से ब्लड बैंक में खून इकट्ठा किया जा सकता है.
ऐसा कहते हैं अधिकारी
इस बारे में मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. लुबना खान कहते हैं कि ब्लड की कमी है. इसके लिए 15 अगस्त को ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित किया जा रहा है. अभी ब्लड लेने के लिए डोनर लाना जरूरी है.