
कानपुर समेत पूरे उत्तर और मध्य भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। सक्रिय मौसमी प्रणालियों के चलते अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। कानपुर और आसपास के जिलों में भी धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने के आसार हैं।
इस समय देश में तीन बड़ी मौसमी प्रणालियाँ एक साथ सक्रिय हैं। पहला, एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय है। इसी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश तक के मैदानी इलाकों में आंधी और बारिश का दौर शुरू हुआ है। दूसरा, देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में निचले वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह सिस्टम बिहार और छत्तीसगढ़ के आसपास केंद्रित है और लगातार नमी खींच रहा है। तीसरा, एक लंबी ट्रफ रेखा उत्तर-पूर्वी भारत से लेकर दक्षिण भारत तक फैली हुई है। यह ट्रफ बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी लेकर आ रही है, जिसके कारण पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में तेज बारिश हो रही है।
पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियाँ चरम पर हैं। इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। साथ ही 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कानपुर, लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में रात से धूल भरी आंधी चलने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।
इससे तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है और लोगों को लू से राहत मिलेगी। पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मौसम सबसे ज्यादा उग्र रहेगा। अगले 48 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ 50 से 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। मध्य और दक्षिण भारत: छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी सक्रिय सिस्टम का असर दिख रहा है। यहाँ तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के मेल से यह स्थिति बनी है। कानपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश में 2 से 4 मई के बीच मौसम अस्थिर रहेगा। लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के कारण कच्चे मकान, पेड़ और बिजली के खंभों को नुकसान हो सकता है। किसान भाई गेहूं की मड़ाई का काम रोक दें और कटी फसल को ढक कर रखें।
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Updated on:
02 May 2026 10:39 pm
Published on:
02 May 2026 10:39 pm
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