कानपुर

मौसम का मिजाज़ बदलते ही शहर की आबोहवा हुई जहरीली, कुछ ऐसे

मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही शहर की आबोहवा भी जहरीली होने लगी है. ठंड के असर से प्रदूषण का प्रकोप शहर में बढ़ गया है. पिछले दिनों सुबह कानपुर वासियों ने दोगुनी प्रदूषित आबोहवा में मार्निंग वॉक की. इसमें पार्टिकुलेटेड मैटर 2.5, कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन डाईऑक्साइड का स्तर मंगलवार को मानक से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया.
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Oct 17, 2018
Kanpur
मौसम का मिजाज़ बदलते ही शहर की आबोहवा हुई जहरीली, कुछ ऐसे

कानपुर। मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही शहर की आबोहवा भी जहरीली होने लगी है. ठंड के असर से प्रदूषण का प्रकोप शहर में बढ़ गया है. पिछले दिनों सुबह कानपुर वासियों ने दोगुनी प्रदूषित आबोहवा में मार्निंग वॉक की. इसमें पार्टिकुलेटेड मैटर 2.5, कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन डाईऑक्साइड का स्तर मंगलवार को मानक से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया. पीएम 2.5 सुबह के वक्त मानक से दोगुने से भी ज्यादा थी. रियल टाइम पॉल्यूशन का डाटा एकत्र करने वाले सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के नेहरू नगर स्थित मॉनीटरिंग स्टेशन पर इस बाबत डाटा रिकार्ड किया गया. रिकॉर्ड में निकला क्‍या–क्‍या खास, आइए जानें.

ऐसा निकला रिकॉर्ड
पीएम 2.5 का स्तर दिन में मानक से दोगुने से ज्यादा ही दर्ज किया गया. आने वाले दिनों में इसके और ज्यादा बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है. वहीं सीपीसीबी की शाम 4 बजे जारी एयर क्वालिटी रिपोर्ट में कानपुर में पीएम 2.5 का स्तर 252 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया. इसके मुताबिक कानपुर देश के 10 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया.

बढ़ेगी ये समस्‍या
प्रदूषण के बढ़ते स्तर का असर स्‍वास्‍थ्‍य पर सीधा-सीधा पड़ेगा. खासतौर पर श्‍वांस संबंधित बीमारियां तेजी से बढ़ेंगी. पिछले साल भी इसी मौसम में दमा, चेस्ट इंफेक्शन और जुख़ाम जैसी समस्‍याएं तेजी के साथ बढ़ी थीं. वहीं अगर प्रदूषण का स्तर इसी तेजी से बढ़ता है तो बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा परेशानी होगी. इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है.

इन लोगों को देना होगा खास ध्‍यान
मेडिकल कॉलेज के टीबी चेस्ट डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अवधेश कुमार के मुताबिक डस्ट पार्टिकल्स के प्रभाव से चेस्ट इंफेक्शन व गले की समस्‍या होती है. इसके अलावा जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, उन पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है. डायबिटीज, अस्थमा व एलर्जी की प्रॉब्लम जिन लोगों को है, उन्हें इस मौसम में खास ध्यान देना होगा.

इन बातों का रखना होगा खास ध्यान
चिकित्‍सकीय सलाह को मानें तो ज्यादा सुबह मार्निंग वॉक पर जाने से बचें, हल्‍की धूप निकलने पर निकलें. बाइक चलाते वक्त मुंह को ढकना न भूलें. बच्चों को सुबह के वक्त खुले माहौल से खेलने से रोकें. जहां धूल ज्यादा हो वहां पानी का छिड़काव करें, ऐसी जगहों पर जाने से बचें. गले में समस्‍या होने पर दिन में तीन से चार बार नमक डॉल कर गरारा करें. इंफेक्शन होने के पर अपनी मर्जी से एंटीबायोटिक खाने से बचें.

Updated on:
17 Oct 2018 02:21 pm
Published on:
17 Oct 2018 02:21 pm