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Kanpur News: दर्द जीत गया, सपने हार गए, 3 पन्नों के सुसाइड नोट में वैष्णवी उर्फ निक्की लिख गई जिंदगी की आखिरी दास्तां

Kanpur Suicide News:कानपुर के रावतपुर में रीढ़ की गंभीर बीमारी से जूझ रही 26 वर्षीय विवाहिता ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। तीन पन्नों के सुसाइड नोट में उसने असहनीय दर्द, अधूरे सपनों और परिवार से माफी मांगते हुए अपनी अंतिम भावनाएं लिखीं।
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Kanpur Crime News

वैष्णवी उर्फ निक्की -फाइल फोटो

Kanpur Woman Suicide Note:"असहनीय दर्द है... किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती। बहुत कोशिश की हर पल हंसने की, लेकिन अब दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा। पतिदेव, मुझे माफ कर देना... मुझे मुक्ति मिल गई।" ये शब्द कानपुर की उस 26 वर्षीय विवाहिता के हैं, जिसने अपनी जिंदगी के आखिरी पलों में तीन पन्नों के सुसाइड नोट में अपना दर्द उकेरा और फिर जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना रावतपुर थाना क्षेत्र के सुरेंद्र नगर की है।

बीमारी ने छीन ली मुस्कुराहट, परिवार को नहीं बनना चाहती थी बोझ

सुरेंद्र नगर निवासी शिवम शुक्ला रेलवे में ग्रुप-डी कर्मचारी हैं और वर्तमान में भोपाल में तैनात हैं। उनकी शादी तीन वर्ष पहले कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र के असालतगंज निवासी वैष्णवी उर्फ निक्की (26) से हुई थी। शादी से पहले ही वैष्णवी रीढ़ की हड्डी में गठिया (स्पाइनल आर्थराइटिस) की बीमारी से जूझ रही थी। लगातार इलाज के बावजूद उसे राहत नहीं मिल रही थी। परिवार के अनुसार वह लंबे समय से तेज दर्द और शरीर में जकड़न से परेशान थी, लेकिन उसने कभी अपनी तकलीफ को खुलकर परिवार पर हावी नहीं होने दिया।

यूपी-टीईटी पास किया, दिल्ली पुलिस की परीक्षा भी निकाली

वैष्णवी पढ़ाई में मेधावी थी। उसने यूपी-टीईटी परीक्षा पास की थी और हाल ही में दिल्ली पुलिस कांस्टेबल की लिखित परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी। कुछ ही दिनों में उसका मेडिकल होना था। परिवार का कहना है कि बीमारी की वजह से वह इसे लेकर मानसिक तनाव में रहने लगी थी। उसके मन में यह डर बैठ गया था कि कहीं बीमारी उसके सपनों के रास्ते की सबसे बड़ी बाधा न बन जाए।

'मेरा भी सपना था सुखमय जीवन जीने का'

बुधवार सुबह करीब पांच बजे जब शिवम भोपाल से घर पहुंचे तो पत्नी बेसुध मिली। उसके पास तीन पन्नों का सुसाइड नोट रखा था। पड़ोसियों की मदद से उसे फॉर्च्यून अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सुसाइड नोट में वैष्णवी ने लिखा कि उसका भी सपना था सामान्य और सुखमय जीवन जीने का, लेकिन बीमारी ने उससे सब कुछ छीन लिया। उसने लिखा कि अगर वह आज यह कदम भी नहीं उठाती, तब भी शायद उम्र के अंतिम पड़ाव तक नहीं पहुंच पाती। उसने अपने माता-पिता, पति और परिवार के सभी सदस्यों से माफी मांगी और पति से अपने भाई अभय की शादी में जेवर और स्कूटर देने की अंतिम इच्छा भी जताई।

सुसाइड नोट की होगी हैंडराइटिंग जांच

रावतपुर थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में विवाहिता के बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात सामने आई है। मौके से मिला तीन पन्नों का सुसाइड नोट कब्जे में लेकर हैंडराइटिंग विशेषज्ञ के पास भेजा जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।