कानपुर

सीएम योगी की आंखों में छलका दर्द, फिर लिया ये प्रण, लोगों को किया भावुक

उत्तर प्रदेश के सीएम बुधवार की शाम बिठूर महोत्सव में शामिल होने के लिए कानपुर पहुंचे।

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Dec 20, 2017
Yogi Adityanath

कानपुर. उत्तर प्रदेश के सीएम बुधवार की शाम बिठूर महोत्सव में शामिल होने के लिए कानपुर पहुंचे। सीएम की आगवानी महापौर प्रमिला पांडेय और विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने की। सीएम ने पत्थर घाट जाकर गंगा की आरती की और फिर नानाराव स्मारक प्रागंण में महोत्सव का शुभारंभ किया। 24 दिसंबर तक चलने वाले महोत्सव में प्रतिदिन गंगा आरती होगी। इस मौके पर सीएम ने कहा कि कानपुर से लेकर इलाहाबाद तक गंगा मैली है और इसे स्वच्छ और स्वस्थ्य रखने की जिम्मेदारी सरकार और पब्लिक की है। मां गंगा का जल देखकर मेरे मन रो पड़ा, इसी लिए अब क्रांतिकारियों की नगरी से गंगा को साफ करने के लिए हम प्रण लें कि अगले साल जब महोत्सव के अवसर पर हम आप मिलें तो गंगा प्रदूषण से मुक्त नदी दिखे।

1857 क्रांति यात्रा का किया उद्घाटन-
सात साल के बाद आज क्रांतिकारियों की नगरी से सीएम ने बिठूर समारोह स्थल पर नानाराव पेशवा की मूर्ति पर माल्यार्पण कर 1857 क्रांति यात्रा और विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके पहले सीएम योगी आदित्यनाथ बिठूर घाट जाकर गंगा आरती की। आरती वाराणासी से आए पंडितों ने विध-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ कराया। गंगा आरती के बाद सीएम का दर्द छलक पड़ा। सीएम ने कहा कि कानपुर से लेकर इलाहाबाद तक गंगा का जल बहुत मैला है और इसे साफ करने के लिए आमजनता के साथ शासन-प्रशासन को युद्ध स्तर पर काम करना होगा। क्रांतिकारियों की नगरी से हम और आप मिलकर प्रण लें की मां गंगा को अगले साल तक निर्मल कर देंगे। अगर ऐसा हम गंगा को निर्मल और अविरल नहीं कर पाए तो अपनी आने वाली पीढ़ी को जवाब नहीं दो पाएंगे। साथ उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अतीत से जोड़ने के लिए इस तरह के महोत्सव सबसे शसक्त साधन हैं।

लव-कुश की नगरी की बदलेगी दिशा-दशा
सीएम ने इस मौके पर कहा कि बिठूर धार्मिक और क्रांतिकारियों की नगरी है, लेकिन पिछली सरकारों ने इसके विकास पर ध्यान नहीं दिया। यहीं पर मां सीता और उनके बेटे लव और कुछ कई साल गुजारे। वाल्मीकि ने रामायण की रचना की, बावजूद ये स्थान बदहाल है। भाजपा सरकार बिठूर को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करेगी। सीएम ने कहा कि सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है, लेकिन इसके लिए जनसहभागिता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर हमें देश को कुछ न कुछ देना है ताकि आने वाला भविष्य सुधर सके। सीएम ने कहा कि गंगा के लिए करोड़ों रूपए आए पर इसकी दशा नहीं सुधरी। सीएम ने एतिहासिक धु्रव टीले का जिक्र भी किया औा उसे विकसित करने की बात कही।

धार्मिक, गुलामी और आजादी का सीएम ने किया जिक्र-
सीएम ने इस मौके पर कहा कि भारत में कई राजाओं और महाराजाओं ने राज किया। अंग्रेजों ने सोने की चिड़िया को अपने कब्जे में ले लिया। कई साल अंग्रेजों ने हम पर सितम ढाए, लेकिन नानराव और तात्या टोपे ने 1857 में आजादी का बिगुल फूंक दिया। इनके साथ सैकड़ों लोग जुटते गए और महोत्सव के रूप मेें क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को भगाया। बिठूर गंगा के किनारे बसा कस्बा धार्मिक रूप से भी बहुत महत्व रखता है। वाल्मीकि ने यहीं पर रामायण की रचना की और लव-कुश को शिक्षा-दिक्षा दी। इसलिए बिठूर से हम लोग मां गंगा को स्वच्छ व स्वस्थ रखने की शपथ लें। सीएम ने कहा कि जब भारत अपनी आजादी की 75वीं वर्षगाठ मनाएगा तब हम आतंकवाद, नक्सलवाद, जातिवाद सहित अनके बुराईयों को खत्म कर खुशी से उसे महोत्सव के रूप में मनाएंगे।

गंगा का भव्य नजारा देख लोग सराबोर
सीएम ने विकास प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टाल देखे। दशाश्वमेध घाट के पुरोहितों ने गंगा आरती करायी। आरती के लिए 20 लोगों का एक मंच गंगा तट पर बनाया गया था और पूरे घाट को चमकाया गया था। आरती के साथ गंगा का भव्य नजारा देखते ही बन रहा था। सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन को देखते हुए नानाराव पेशवा स्मारक से लेकर मंच तक को भगवा रंग में सजाया गया है। पूरे पंडाल को ही भगवा रंग से रंगा गया है। यह देखने में काफी आकर्षक नजर आ रहा है। मंच से लेकर पूरे पंडाल में आकर्षक फूलों की सजावट भी की गई। इसके लिए बाहर से कारीगरों को बुलाया गया। बिठूर महोत्सव के लिए बनाए गए पंडाल में 800 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इसमे सवा 700 कुर्सी और करीब 70 सोफे बिछाए गए हैं। लोगों के आने-जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत न हो। रोडवेज की जगह-जगह बसें बिठूर महोत्सव देखने के लिए खड़ी की जाएगी। वाहनों की भीड़ को देखते हुए पार्किंग की व्यवस्था भी कराई गई है।

Updated on:
20 Dec 2017 07:56 pm
Published on:
20 Dec 2017 07:28 pm
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