कानपुर

BNS के तहत दर्ज मुकदमे में देश में पहला मामला है जब फांसी की सजा सुनाई गई है!

Sentence to death कानपुर देहात की अदालत ने 8 वर्षीय बच्ची की हत्या के आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 15 लाख 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
2 min read
Jun 05, 2025
भोगनीपुर थाना क्षेत्र की घटना (फोटो सोर्स वीडियो ग्रैब)
फोटो सोर्स वीडियो ग्रैब

Sentence to death कानपुर देहात में 23 जुलाई 2024 को बांके से हमला करके 8 वर्षीय बच्ची की हत्या कर दी गई थी। जबकि 6 अन्य घायल हो गए थे। इस संबंध में पीड़ित ने थाना में तहरीर देकर औरैया निवासी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था ऑपरेशन कनविक्शन के अंतर्गत प्रभावी पैरवी के बाद adj6 की अदालत में अभियुक्त पर दो सिद्ध करते हुए फांसी की सजा सुनाई इसके साथ ही 15 लाख 30 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। घटना भोगनीपुर थाना क्षेत्र के पिपरी गांव का है कानपुर देहात पुलिस ने इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पुलिस, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष, कोर्ट पैरोकार के प्रयास और प्रभावी पैरवी के कारण सनसनीखेज घटना में अभियुक्त को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है।

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के भोगनीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरी गांव में 23 जुलाई 2024 को बड़ी घटना हुई थी। जिसमें औरैया जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मुरली का पुरवा गांव निवासी दीपू पुत्र मुन्नू लाल ने बांके बीना देवी, सूर्यांश, महेंद्र कुमार, पूजा, उमंग, आयुष, काव्या पर हमला कर दिया। हमला इतना जबरदस्त था कि 8 वर्षीय काव्या की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि 6 अन्य घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पारिवारिक रंजिश में दीपू ने किया कदम उठाया है।

10 महीने 13 दिन में आया निर्णय

विनोद कुमार की तहरीर पर भोगनीपुर थाना पुलिस ने दीपू पुत्र मुन्नू लाल के खिलाफ संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। 10 महीने 13 दिन में अदालत में दोनों पक्षों को सुनने के बाद निर्णय दिया। पुलिस ने हत्या आरोपी को गिरफ्तार करते हुए हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया था। इसके साथ ही चश्मदीदों की गवाही, चिकित्सीय साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को प्रभावी ढंग से अदालत में प्रस्तुत किया गया। ‌अदालत ने दीपू पुत्र मनु लाल को बीएनएस की धारा 103(1), 109(1), 118 (1), 115 का दोषी माना और मृत्यु दंड की सजा सुनाई। इसके साथ ही 15 लाख 30 हजार रुपए का अर्थ दंड भी लगाया। ‌

Updated on:
06 Jun 2025 11:37 am
Published on:
05 Jun 2025 08:05 pm