
Son kills retired railway guard after not getting help कानपुर में 6 महीने बाद हत्या का खुलासा हुआ है। जिसमें मृतक के बेटे और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया गया है। बेटे ने पिता की गला दबाकर हत्या कर दी। शव को दोस्त की मदद से औरैया में पेट्रोल डाल फूंक दिया। घटना के समय मृतक की पत्नी वृंदावन गई हुई थी। जहां से वापस आने के बाद पति के ना मिलने पर थाने में गुमशुदगी की दर्ज कराई। डीसीपी ने बताया कि हत्यारोपी ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। अपने मृतक पिता का फोन दोस्त को देकर बिहार भेज दिया। दोस्त को समझाया कि मोबाइल खोलकर बंद कर देना। जिससे पिता की लोकेशन बिहार आएगी। पुलिस ने बेटे और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र का है।
उत्तर प्रदेश के कल्याणपुर पुरानी शिवली रोड चंदेल नगर निवासी 62 वर्षीय कमलापति तिवारी बिहार के जयनगर में रेलवे में नौकरी करते थे। वहीं से 2 साल पहले गार्ड के पद से रिटायर हुए थे। जिनके दो बेटे श्याम जी और राम जी और एक बेटी है। पत्नी मधु तिवारी भी साथ रहती थी।
कमलापति तिवारी की शिवली रोड पर आठ दुकानें हैं। जिनका किराया 25 से 30 हजार रुपए महीना आता था। जिनकी कीमत करोड़ों में थी। इसके अतिरिक्त 60 हजार पेंशन भी मिलती थी। श्याम जी प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं और वह अपनी पत्नी बच्चों के साथ सनिगवां चकेरी में रहते हैं। जबकि राम जी अपनी ससुराल में रहता है। जो शराबी है।
पैसे के लेनदेन को लेकर कमलापति तिवारी का बेटे से विवाद होता था। इस पर राम जी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर पिता को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 17 मार्च को वह दोस्त को लेकर कल्याणपुर घर पहुंचा। पिता ने नशा कर रखा था। दोनों ने मिलकर कमलापति की गला दबाकर हत्या कर दी। चार पहिया गाड़ी से शव को औरैया ले गए। जहां नहर किनारे फेंक कर आग लगा दी।
पेट्रोल में आग पकड़ते ही तेज रोशनी हुई। जिसको देखकर दोनों मौके से भाग निकले। इधर सूचना पाकर मौके पर पहुंची औरैया पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त का प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिली। इधर कल्याणपुर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज होने के बाद जांच शुरू की। सर्विलांस और कल्याणपुर थाना पुलिस की संयुक्त प्रयास से घटना का खुलासा हुआ। औरैया पुलिस से मिली फोटो को देखकर मधु तिवारी ने पति के रूप में शिनाख्त की।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि 12 जून 2025 को कमलापति तिवारी की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। थाना कल्याणपुर और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने जांच की। जांच के दौरान जानकारी हुई की कमलापति तिवारी रेलवे से गार्ड पद से रिटायर हुए थे। जिनकी कुल आठ दुकान थी और पेंशन भी मिल रही थी। लेकिन बच्चों की किसी प्रकार से मदद नहीं करते थे।
डीसीपी ने बताया कि पत्नी वृंदावन में और बच्चे भी अलग रहते थे। कमलापति तिवारी का पुत्र राम जी तिवारी अपने दोस्त ऋषभ शुक्ला के साथ मिलकर पिता को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। दोनों ने कमलापति तिवारी को घर में ही मार दिया और फोर व्हीलर गाड़ी से औरैया ले गए। नहर के किनारे शव को फेंक कर उसमें पेट्रोल डाल आग लगा दी। साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कानूनी कार्रवाई की जा रही है।